
डीग। जिले के कामां थाने के गांव लुहेसर में पुलिस ने अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। यह फैक्ट्री पिछले करीब डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय से चल रही थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यहां बने हथियार राजस्थान के अलावा हरियाणा व उत्तर प्रदेश में भी बेचे गए थे। आशंका है कि गिरफ्तार बदमाशों ने आसपास के इलाकों में कहीं गैंगस्टर्स को तो हथियार सप्लाई नहीं किए हैं, क्योंकि इससे पूर्व भी गैंगस्टर्स को अवैध हथियार सप्लाई में मेवात का नाम आता रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 अवैध हथियार एवं हथियार बनाने की मशीनें व कलपुर्जे जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार 14 जुलाई को डीएसटी टीम प्रभारी को सहायक उप निरीक्षक की ओर से गांव लुहेसर में इन्ताज पुत्र साहब खां के मकान पर बड़े स्तर पर अवैध हथियारों का निर्माण किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस थाना कामां से पुलिस ने जाब्ते के साथ मकान पर दबिश दी। जहां मकसूद पुत्र नसरू मेव (42) निवासी लुहेसर थाना कामां जिला डीग एवं इन्ताज पुत्र साब खां मेव (35) निवासी लुहेसर थाना कामां को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले कई वर्षों से अपने एक अन्य साथी मम्मन उर्फ मम्मनदीन पुत्र फत्ती निवासी मुसेपुर कामां के साथ मिलकर संगठित तरीके से अवैध हथियार बनाने, रखने और बेचने का धंधा कर रहे हैं। फरार आरोपी मम्मन इन्हें हथियार बनाने का कच्चा माल और सामान उपलब्ध कराता था।
पुलिस ने एक हथकड़ सिंगल 12 बोर बंदूक, एक हथकड़ सिंगल 315 बोर बंदूक, एक हथकड़ पौना 315 बोर, एक हथकड़ टूटी हुई बंदूक 12 बोर, एक अन्य हथकड़ बंदूक 12 बोर, दो अवैध टोपीदार बंदूकें, 12 बोर का लकड़ी का बट व लोहे की बैरल, हवा पंखा, ग्राइंडर (मय पत्ता व तार मशीन), छेद करने वाली मशीन, ड्रिल मशीन, दो लोहे की रेती, एक पिलास, 2 हथौड़ी, रेगमार, एक छैनी, 5 लोहे के चाकू, एक फनर, लोहे के छोटे-बड़े 50 कलपुर्जे, छोटी पाइप, लोहे की गाटर का गुटका, लोहे की पटरी और बाल्टी बरामद की है।
राजस्थान के मेवात में बने अवैध हथियारों की सप्लाई दूसरे राज्यों में करने का खुलासा एक वर्ष पूर्व 27 मई 2025 को भी हुआ था। उस समय दिल्ली क्राइम ब्रांच ने डीग के पहाड़ी इलाके में चल रही अवैध हथियार बनाने की बड़ी फैक्ट्री पकड़ी थी। वहां लगरपुरिया गिरोह की गिरफ्तारी के बाद यह कार्रवाई हुई थी। लगरपुरिया गिरोह के रोहित गहलोत ने दो देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस पहाड़ी के जुबेर से खरीदना कबूला था। इसके बाद एक अगस्त 2025 को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डीग जिले में चल रही अवैध हथियारों की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था। छह आरोपियों के पास से 18 तमंचे, हथियार बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनें और औजार बरामद किए थे।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि 19 मई 2026 को भी दिल्ली के द्वारका पुलिस की स्पेशल टीम ने एक अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का खुलासा किया था। इसमें मथुरा के कुंवरपाल उर्फ कपिल से पूछताछ में राजस्थान के मेवात के निवासी हरमेश सिंह उर्फ मेचू का नाम आया था। पुलिस ने जुरहरा के सहसन में कार्रवाई कर हरमेश को गिरफ्तार किया था। उसने भी दिल्ली एनसीआर में गैंगस्टर को हथियार सप्लाई करना स्वीकार किया था। उससे एक अत्याधुनिक पिस्टल, 5 देसी कट्टे और 10 कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा बिलाल उर्फ बिल्ला का भी नेटवर्क राजस्थान से जुड़ा रहा है। हालांकि दिल्ली की स्पेशल फोर्स उसे भी पकड़ चुकी है।