
डीग। बृज नगर कस्बे में एक रेस्टोरेंट पर खाना खाने के बाद रुपए मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट, लूटपाट और अपहरण के गंभीर आरोपों तक पहुंच गया। विष्णु फैमिली रेस्टोरेंट के संचालक विष्णु प्रजापत ने बृजनगर थाने में रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि खाना खाने के बाद भुगतान को लेकर हुए विवाद में पहले कुछ लोगों ने रेस्टोरेंट पर काम करने वाले कर्मचारियों के साथ लोहे के सरियों और लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद दो गाड़ियों में करीब 25 लोग और आ गए।
आरोप है कि हथियारों के बल पर रेस्टोरेंट के गल्ले से 50 हजार रुपए, संचालक की जेव से 10 हजार रुपए, उसके ताऊ ईश्वर की जेब से 15 हजार रुपए और गले से सोने की चेन लूट ली। इसके बाद ताऊ ईश्वर को जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवादी के अनुसार, विवाद के दौरान जग्गी गुर्जर ने फोन कर अन्य लोगों को रेस्टोरेंट पर बुलाया। फोन के तुरंत बाद एक कार और एक पिकअप गाड़ी में करीब 20 से 25 लोग वहां पहुंचे। परिवादी ने आरोप लगाया कि ये लोग लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से लैस थे। इसके बाद हथियार दिखाकर धमकाया गया और 75 हजार रुपए नकद और सोने की चेन लूट गे गए। मामले का सबसे गंभीर आरोप विष्णु के ताऊ ईश्वर को जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने का है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर ईश्वर को कार में डालकर ले गए। परिवादी ने आरोप लगाया कि जग्गी, कलुआ, लाल सिंह, शिब्बन सहित अन्य लोग उन्हें अपने साथ ले गए और दोनों गाड़ियां तेज गति से अलवर की ओर रवाना हो गई। जाते समय आरोपियों ने परिवादी और उसके परिवार को जान से मारने तथा परिजनों का अपहरण कर हत्या करने की धमकी भी दी।
पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार घटना 25 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे की है। उस समय विष्णु प्रजापत अपने रेस्टोरेंट पर मौजूद था। आरोप है कि भावली और खेड़ली गुर्जर गांव के कुछ लोग रेस्टोरेंट पर खाना खाने पहुंचे। उन्होंने स्पेशल सब्जी और रोटी का ऑर्डर दिया तथा खाना खाने के बाद भुगतान को लेकर विवाद करने लगे। देखते ही देखते गाली-गलौज शुरू हो गई और रेस्टोरेंट पर काम करने वाले ईश्वर, राहुल, चमन, देवी सहाय तथा विष्णु के साथ मारपीट की गई।