भरतपुर

‘हाथ-पैर तोड़े, सिर पर गंडासे से वार’, पूर्व MLA अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में पत्नी ने 30 नामजद और 60 अज्ञात पर दर्ज कराई FIR

पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में पत्नी कमलेश भड़ाना ने वैर थाने में FIR दर्ज कराई है। 30 नामजद और 50-60 अन्य लोगों पर मारपीट, पथराव, फायरिंग व आगजनी के आरोप हैं। सिर पर गंडासे से वार और हाथ-पैर तोड़ने का भी आरोप है।
2 min read
• •
Oct 12, 2026
atar singh bhadana murder case
पूर्व बीजेपी विधायक अतर सिंह भड़ाना (पत्रिका फाइल फोटो)

Atar Singh Bhadana Murder Case: भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व बीजेपी विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। उनकी पत्नी कमलेश भड़ाना ने वैर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए 30 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 50 से 60 अन्य लोगों को भी आरोपी बताया गया है। शिकायत में खनन लीज और क्रेशर संचालन को लेकर चल रहे विवाद के बीच हमला करने का आरोप लगाया गया है।

एफआईआर में मुकेश पुत्र हरज्ञान, राजवीर उर्फ मग्गू, जगत, बाबू, बनवारी, भागचंद, विष्णु, हेमसिंह, कौशल, अवतार, शिव सिंह, जितेंद्र और संजय समेत 30 लोगों के नाम शामिल हैं। शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत घटना से एक दिन पहले हुई थी, जब लीज और क्रेशर पर काम करने वाले लोगों के साथ मारपीट की गई। इस मामले में भी वैर थाने में प्रकरण दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।

अगले दिन खदान परिसर में फिर हमले का आरोप

कमलेश भड़ाना की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, पहले दिन हुए विवाद के बाद अगले दिन आरोपी एकराय होकर खनन लीज और क्रेशर परिसर में पहुंचे। शिकायत में परिसर में घुसकर मारपीट करने, पथराव करने, फायरिंग और आगजनी करने के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि हमलावर क्रेशर को उखाड़ने के इरादे से आए थे और इसी दौरान अतर सिंह भड़ाना को निशाना बनाया गया।

सिर पर गंडासे से वार, हाथ-पैर तोड़ने का आरोप

एफआईआर में हमले के दौरान हुई मारपीट का भी विवरण दिया गया है। शिकायत के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना के हाथ-पैर तोड़ दिए गए और उनके सिर पर गंडासे से वार किया गया। गंभीर चोटों के कारण काफी खून बहने और उनकी मौत होने की बात कही गई है।

पुलिस के सामने आरोपियों की भूमिका तय करने की चुनौती

इस मामले में 30 लोगों को नामजद करने के साथ 50 से 60 अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस को अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच कर हमले में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाना होगा। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

Updated on:
12 Oct 2026 05:15 pm
Published on:
12 Oct 2026 05:15 pm