
भरतपुर। नदबई के उप तहसील लखनपुर क्षेत्र की जहांगीरपुर ग्राम पंचायत के गिरधरपुरा गांव में बुधवार लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और 20 से 25 कच्चे-पक्के मकान जलकर खाक हो गए। आग की ऊंची लपटों, आसमान में उठते काले धुएं और लोगों की चीख-पुकार से पूरे गांव में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत गांव निवासी इंदर के घर के पास रखे सूखे ईंधन से हुई। दोपहर के समय अज्ञात कारणों से अचानक आग भड़क उठी।
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तेज गर्म हवाओं और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते आग ने आसपास के मकानों को अपनी चपेट में ले लिया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए। लोग जान बचाने के साथ-साथ घरों में रखा सामान निकालने में जुट गए। कोई बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगा तो कोई पशुओं को खोलकर बाहर निकालने में लग गया। महिलाओं की चीखें और बच्चों का रोना माहौल को और भयावह बना रहा था।
ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर और मिट्टी फेंककर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की भीषणता के सामने सारे प्रयास नाकाम साबित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि आगजनी में कई परिवारों की वर्षों की मेहनत पलभर में राख हो गई। घरों में रखा अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज, नकदी और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। कई परिवारों के पास अब पहनने के कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा। अपने ही घरों को जलते देख ग्रामीणों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। नदबई, बयाना, रूपवास, भरतपुर और नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से करीब 8 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों के सहयोग से घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गांव की संकरी गलियां, पानी की कमी और तेज हवाएं राहत कार्य में बाधा बनी रहीं।
आग की लपटें गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तक पहुंच गईं। तेज गर्मी के कारण स्कूल के कुछ कमरों की पट्टियां टूट गईं। हालांकि समय रहते ग्रामीणों ने स्कूल में रखे गैस सिलेंडरों को बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि स्कूल में छुट्टियां नहीं होतीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी सचिन यादव, पुलिस सीओ अमर सिंह राठौड़, लखनपुर थानाधिकारी विजय सिंह छौंकर सहित पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उपखंड अधिकारी सचिन यादव ने बताया कि नुकसान के आंकलन के लिए टीम गठित कर दी गई है। इस हादसे के बाद कई परिवार बेघर हो गए हैं। जिनके मकान जल गए, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूरे गांव में आग लग गई। पशु भी जल गए। घर का सारा सामान जल गया। घरेलू और इलेक्ट्रॉनिक सामान तक नहीं बचा। पहनने के कपड़े भी जल गए।
खाने को कुछ नहीं बचा। सारे कपड़े जल गए। छोटे-छोटे बच्चों सहित पूरा परिवार परेशान है। खाट तक जल गई।