Murder Due To Suspicion In Friendship: शक की आग ने ली जान पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृतक नरेंद्र और आरोपी गहरे दोस्त थे, लेकिन पिछले कुछ समय से आरोपियों को शक था कि नरेंद्र उनके साथ 'गद्दारी' कर रहा है।
Rajasthan Crime News: छौंकरवाड़ा जिले के सामंतपुरा के जंगलों में हुई नरेंद्र कुमार शर्मा की सनसीखेज हत्या की गुत्थी को खेड़ली मोड़ थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। दोस्ती, विश्वासघात और फिर मर्डर की इस खौफनाक वारदात को मृतक के ही करीबी दोस्तों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले मुख्य आरोपी कृष्ण गोपाल यादव उर्फ पेल्या को गिरफ्तार कर लिया है, में जबकि उसके दो अन्य साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
शक की आग ने ली जान पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि मृतक नरेंद्र और आरोपी गहरे दोस्त थे, लेकिन पिछले कुछ समय से आरोपियों को शक था कि नरेंद्र उनके साथ 'गद्दारी' कर रहा है। इसी रंजिश के चलते 28 फरवरी की रात योजनाबद्ध तरीके से आरोपी कृष्ण गोपाल, पवन और रिंकू उर्फ बंटी उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर सामंतपुरा के निर्जन जंगलों में ले गए। वहां पहले साथ बैठकर शराब पी गई और फिर अचानक आरोपियों ने नरेंद्र पर हमला (तौलिया) से नरेंद्र का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया और पहचान छिपाने के लिए शव को सड़क किनारे रेत के गड्ढे में दबा दिया।
गौरतलब है कि 2 मार्च को पुलिस को सामंतपुरा के जंगलों में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शिनाख्त होने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कॉल डिटेल्स (सीडीआर) का विश्लेषण किया, तो शक की सुई नरेंद्र के दोस्तों की ओर घूमी। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर कृष्ण गोपाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वारदात में शामिल सभी पक्ष आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। मृतक नरेंद्र के खिलाफ पूर्व में कई मामले दर्ज थे। वहीं, गिरफ्तार आरोपी कृष्ण गोपाल और फरार साथियों पर हत्या, लूट और पॉक्सो एक्ट जैसे संगीन मामले दर्ज है। थानाधिकारी राजेश कसाना, एएसआई सत्येंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल अमित, कमलेश और हेमराज की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब फरार आरोपी पवन और रिंकू की तलाश में छापेमारी कर रही है।