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राजस्थान: मस्जिद के टॉयलेट में इमाम ने मजदूर को जिंदा जलाया, तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत, नेक सलाह नागवार गुजरी

Tonk Mosque Incident: टोंक जिले के कलमंडा गांव में मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। इमाम हाफिज अब्दुल रशीद ने मजदूर हकीम पिंजारा को मस्जिद के टॉयलेट में बंद कर जिंदा जला दिया।

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टोंक

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Arvind Rao

Mar 20, 2026

Rajasthan Worker Burnt Alive in Mosque Toilet in Tonk Imam Accused Dies in Agonizing Pain

मृतक मजदूर हकीम पिंजारा और आरोपी इमाम हाफिज अब्दुल रशीद (फोटो सोशल मीडिया)

Murder of Youth by Burning Inside Tonk Mosque: राजस्थान के टोंक जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया है। मालपुरा उपखंड के कलमंडा गांव में एक मस्जिद के इमाम ने मामूली कहासुनी के बाद एक मजदूर को टॉयलेट में बंद कर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसे पीड़ित की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

घटना की शुरुआत बुधवार, 18 मार्च को हुई। चश्मदीदों के अनुसार, मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुल रशीद बचे हुए खाने को कचरे के डिब्बे में फेंक रहा था। वहीं, मौजूद मजदूर हकीम पिंजारा ने इस पर आपत्ति जताई और इमाम को सलाह दी कि वह अन्न को बर्बाद न करे, बल्कि उसे जानवरों को खिला दे।

यह नेक सलाह इमाम को नागवार गुजरी और दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। हालांकि, ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। लेकिन इमाम के मन में रंजिश बाकी थी।

साजिश के तहत दिया वारदात को अंजाम

परिजनों का आरोप है कि इमाम ने हकीम की हत्या की पूरी साजिश पहले ही रच ली थी। गुरुवार, 19 मार्च की सुबह करीब 9 बजे जब हकीम कुरान पढ़ने मस्जिद पहुंचे और वहां शौचालय (टॉयलेट) गए, तब आरोपी ने मौका पाकर उन्हें बाहर से बंद कर दिया।

आरोपी ने पहले से जुटाए गए पेट्रोल को उन पर छिड़का और आग लगा दी। हकीम की चीखें सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, वह बुरी तरह झुलस चुके थे। उन्हें तुरंत जयपुर रेफर किया गया, लेकिन देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया।

बाइक चोरी कर फरार हुआ आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी इमाम हाफिज अब्दुल रशीद, जो मूल रूप से जोधपुर के बिलाड़ा का निवासी है, मौके से फरार हो गया। भागने के लिए उसने गांव के ही एक ग्रामीण, जगदीश साहू की मोटरसाइकिल चोरी की। ग्रामीणों का दावा है कि इमाम ने इसी बाइक का इस्तेमाल पहले पेट्रोल लाने के लिए भी किया था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक हकीम जयपुर में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और रमजान के पवित्र महीने के कारण गांव आए हुए थे। उनकी मौत के बाद उनका 20 वर्षीय बेटा और 22 वर्षीय बेटी, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं, बेसहारा हो गए हैं। परिवार में हकीम ही अकेले कमाने वाले सदस्य थे।

पुलिसिया कार्रवाई

घटना के बाद गांव में तनाव और शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार इमाम की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस जगदीश साहू की चोरी हुई बाइक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है।