डीग जिले के कुम्हेर क्षेत्र के पला गांव में दो घटनाओं ने सुर्खियां बटोरीं। एक ओर आर्मी हेलीकॉप्टर की तकनीकी खराबी से इमरजेंसी लैंडिंग हुई। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों ने प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विरोध में कलेक्टरेट पर प्रदर्शन कर विस्थापन का विरोध जताया।
डीग: कुम्हेर तहसील का पला गांव सोमवार को दो बिल्कुल अलग लेकिन महत्वपूर्ण कारणों से सुर्खियों में रहा। एक ओर जहां तकनीकी खराबी के चलते सेना के हेलीकॉप्टर को यहां आपातकालीन लैंडिंग (इमरजेंसी लैंडिंग) करनी पड़ी। वहीं, दूसरी ओर प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर जमकर नारेबाजी की।
सोमवार को भारतीय सेना का एक हेलीकॉप्टर ब्रिगेडियर मनजीत दास को मथुरा से जयपुर लेकर जा रहा था। उड़ान के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण पायलट को सतर्कता बरतते हुए पला हवाई पट्टी पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और सभी सैन्य कर्मी सुरक्षित रहे।
सूचना मिलते ही कुम्हेर उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद सेना का एक अन्य हेलीकॉप्टर पला पहुंचा, जिससे ब्रिगेडियर मनजीत दास को जयपुर के लिए रवाना किया गया। खराब हेलीकॉप्टर की मरम्मत के लिए तकनीकी टीम को तैनात किया गया है।
हवाई पट्टी पर जहां एक तरफ सेना की हलचल थी, वहीं दूसरी ओर पला के ग्रामीण अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे। ग्रामीणों ने जिला कलक्टर मयंक मनीष को ज्ञापन सौंपकर पाल हवाई पट्टी को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में बदलने की योजना का कड़ा विरोध किया।
राजस्व विभाग के प्रस्तावित नक्शे के अनुसार, पूरे पला गांव की आबादी और कृषि भूमि इस प्रोजेक्ट की जद में आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि एयरपोर्ट बनने से उनके घर उजड़ जाएंगे और खेती पर आधारित आजीविका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
पूर्व सरपंच देवेंद्र रावत और अजीत पला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विस्थापन नहीं चाहते। उन्होंने सरकार से इस प्रस्ताव को निरस्त कर एयरपोर्ट को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।