भरतपुर

Fertilizer Crisis : खाद के लिए भरतपुर में महिलाएं भी लाइन में, फिर भी लौट रहे मायूस, पढ़ें किसानों का दर्द, देखें फोटो

Bharatpur Fertilizer Crisis : राजस्थान में किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं। भरतपुर में हालत खराब है। खाद के लिए सुबह 3 बजे से पुरुष ही नहीं महिलाएं भी लाइन में लग रहीं हैं। पर अधिकतर को खाद नहीं मिल पा रही है और मायूस होकर घर लौट रहीं हैं। जानें किसानों का दर्द।
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भरतपुर में चौका-चूल्हा छोड़ लाइनों में लगी महिलाएं, धूप-धक्के सहकर भी फासले पर रह गई खाद। पुलिस संभाल रही मोर्चा। पत्रिका फोटो

Bharatpur Fertilizer Crisis : राजस्थान में रबी की बुवाई का समय शुरू होते ही किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि अन्नदाता को सुबह 3 बजे ही घर छोड़कर खाद के लिए कतार में लगना पड़ रहा है। आलम यह है कि 9-10 घंटे तक तपती धूप और भीड़ में धक्के खाने के बाद भी अधिकांश किसान खाली हाथ लौट रहे हैं। वजह, यह है कि सरसों की बुवाई का समय 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक है। भरतपुर जिले में किसानों की जरूरत के हिसाब से खाद कम पहुंची है। ऐसे में किसान तपती दुपहरी में खाद के लिए घंटों लाइन में लग रहे हैं। इस कारण कई तो तेज धूप के कारण बेहोश हो गए, जबकि कई बिना खाद के मायूस लौट गए।

तड़के 3 बजे से ही लगनी पड़ रही है लाइन

सरकार की ओर से मांग के अनुरूप डीएपी खाद नहीं दिए जाने के कारण किसान परेशान हो रहा है। युवा ही नहीं बुजुर्ग, महिला-पुरुष, बच्चे एवं युवती भी लाइन में धक्के खा रहे हैं। बारिश का दौर थमते ही किसान फसल बुवाई की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए खाद की आवश्यकता है, लेकिन सरकार की ओर से खाद की मात्रा कम और किसान अधिक होने के कारण तड़के 3 बजे से ही लाइन में लगना पड़ रहा है।

Bharatpur Fertilizer Crisis : लाइन के बीच में घुसे किसान को बाहर निकालती पुलिस। पत्रिका फोटो

केन्द्र पर खाद के 2000 हजार कट्टे आए

नई मंडी क्रय-विक्रय केन्द्र पर खाद के 2000 हजार कट्टे आए। इन्हें लेने के लिए केन्द्र के बाहर सुबह से ही लंबी लाइन लग गई। सुबह साढ़े नौ बजे जब कार्यालय खुला तो हजारों की संख्या में किसान क्रय-विक्रय केन्द्र पर पहुंच गए। केन्द्र की खिड़की पर महिला-पुरुषों की भारी भीड़ जमा हो गई।

अधिक भीड़ के कारण महिलाएं हो रहीं बेहोश

भीड़ अधिक होने के कारण पुलिसकर्मी मौके पर बुलाए गए। भीड़ अधिक होने कारण स्थिति खराब हो गई। भीड़ में महिलाएं भी शामिल थीं, जो तेज और अधिक भीड़ के कारण बेहोश हो गईं। नगला गुलाबी की सुनीता की भीड़ में चूड़ियों से चोट लग गई और हाथ से खून बहने लग गया। बाद में अन्य लोगों ने उसे संभाला।

पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा

क्रय-विक्रय पर भीड़ अधिक होने के कारण सुबह 10 बजे कुछ ही पुलिसकर्मी पहुंचे। उनसे भीड़ की स्थिति नियंत्रित नहीं हुई। इसके बाद दोपहर 12 बजे कोतवाली थाना प्रभारी विनोद मीणा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ नई मंडी क्रय-विक्रय पर पहुंचकर खिड़की पर लगी भीड़ को नियंत्रित किया। किसानों को खिड़की से खींचकर हटाया। इसके बाद किसानों को खाद मिली।

Bharatpur Fertilizer Crisis : खाद के लिए अलसुबह 3 बजे से लगी हुई लाइन। पत्रिका फोटो
Bharatpur Fertilizer Crisis : खाद के लिए लाइन में लगी महिलाएं। पत्रिका फोटो
Bharatpur Fertilizer Crisis : खाद के लिए लाइन, व्यवस्था संभालती पुलिस। पत्रिका फोटो
Bharatpur Fertilizer Crisis : खाद के लिए आए किसानों पर गुस्साई पुलिस। पत्रिका फोटो
Updated on:
19 Sept 2025 02:20 pm
Published on:
19 Sept 2025 01:05 pm