
लूणी नदी और सुकड़ी नदी। फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : बाडमेर के समदड़ी में लूणी, सुकड़ी नदी किसानों के लिए इस बार खुशियां लेकर आई है। सुकड़ी नदी समदड़ी के पास लूणी में समाहित होती है। भरपूर आवक से आगामी एक माह तक पानी का बहाव चलने की पूरी संभावना है। इससे नदी किनारे सैकड़ों कृषि कुएं पानी से रिचार्ज होंगे। जो पेयजल के साथ खेती के लिए किसानों के मददगार बनेंगे।
दोनों नदियों किनारे गांव रामपुरा, महेशनगर, पातों का बाड़ा, अजीत, भलरों का बाड़ा, रानीदेशीपुरा, समदड़ी, सिलोर, जेठंतरी, पारलु, कनाना, कोटड़ी, बामसीन, देवलियारी, टीकमपुरा, मांगला, करमावास आदि स्थित हैं। सुकड़ी नदी किनारे कोटड़ी, लालिया, मजल, खरटीया, लाखेटा आदि गांवों के कृषि कुएं हैं।
एक अनुमान के मुताबिक दोनों नदियों के किनारे रामपुरा से बालोतरा तक करीब 900 कृषि कुएं हैं, इनमें पानी की आवक से कृषि जीवित रहती है। इस बार नदियों में पानी अच्छा आने से ये कुएं रिचार्ज होंगे और गर्मी में भी पानी मिल सकेगा।
लूनी नदी हमारी जीवनदायिनी है। इसी पर कृषि कुएं निर्भर है। इस बार दोनों नदियों में पानी की भरपूर आवक होने से रबी फसलें अच्छी होने की उम्मीद है। रासायनिक पानी नहीं आया तो किसानों को लाभ मिलेगा।
मगाराम चौधरी पूर्व अध्यक्ष किसान संघ
लूनी व सहायक सुकड़ी नदी में पानी की भरपूर आवक हुई है। इससे कृषि कुओं के भूमिगत जल में इजाफा होगा। नदी में बरसाती पानी की आवक किसानों के लिए वरदान साबित होगी।
अशोक सिंह राजपुरोहित, अध्यक्ष भारतीय किसान संघ
Updated on:
11 Sep 2025, 2:41 PM IST
Published on:
11 Sep 2025, 2:41 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.