
झिलाई हाउस के पास वाला घर भी गिरने वाला है। फोटो पत्रिका
Jaipur Jhilai House Collapses : जयपुर में हैरिटेज नगर निगम हादसे के बाद भी सबक लेने में नाकाम दिख रहा है। अभी 12 दिन पहले हुए हादसे के जख्म भी भरे नहीं थे कि करीब डेढ़ किमी दूर फिर एक हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की जान चली गई। जिम्मेदार अधिकारियों के लिए शायद यह सिर्फ एक आंकड़ा है, लेकिन आम लोगों के लिए यह सिस्टम की असलियत सामने ला रहा है। जर्जर मकान गिरते हैं, फिर जिम्मेदार जागते हैं, दिखावे की कार्रवाई होती है और सब कुछ भूल जाते हैं। यही वजह है कि सुभाष चौक में फिर से हादसा हुआ और अब लीपापोती का दौर शुरू हो गया है।
सुभाष चौक में 6 सितंबर को हुए हादसे के बाद दिखावे के लिए जर्जर मकानों का सर्वे किया गया और एक कमेटी बनाई गई। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 7 जर्जर मकान ध्वस्त किए गए और 6 को सील किया गया। 2 जर्जर मकानों पर कार्रवाई शुक्रवार को होने वाली है। किशनपोल जोन ने 11 जर्जर मकानों पर कार्रवाई की अनुमति के लिए फाइल कमेटी को भेज रखी है। पुरानी बस्ती से लेकर सुभाष चौक और किशनपोल बाजार के आस-पास की गलियों में जर्जर मकानों की सुध नहीं ली जा रही। कई मकान गिरासू स्थिति में हैं, लेकिन निगम की टीम तक वहां नहीं पहुंच पाई।
जोन उपायुक्त सीमा चौधरी ने कहा कि 12 अगस्त को नोटिस दिया गया था। धन्नी बाई की तबीयत खराब होने के कारण परिवार मकान खाली नहीं कर रहा था।
हादसे के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को निगम अधिकारी डीएलबी को रिपोर्ट भेजेंगे।
जोन उपायुक्त सीमा चौधरी और जेईएन (बिल्डिंग) को नोटिस जारी किया गया है। दोषी पाए जाने पर इन्हें चार्जशीट दी जाएगी। इस मामले में अतिरिक्त आयुक्त शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
निधि पटेल, आयुक्त, हैरिटेज नगर निगम
Updated on:
19 Sep 2025, 11:58 AM IST
Published on:
19 Sep 2025, 11:58 AM IST
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