भरतपुर

Rajasthan : खाद्य सुरक्षा योजना का सच, डीलर ही डकार रहे गरीबों का गेहूं, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Food Security Scheme Update : खाद्य सुरक्षा योजना का सच। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीबों को मिलने वाला गेहूं कैसे डीलरों की जेब में जा रहा है, इसकी पोल रसद विभाग की हाल ही में की गई जांच में खुलकर सामने आ गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
3 min read
Rajasthan Food Security Scheme New Update Dealers are usurping poor Wheat investigation Bug revelation
फाइल फोटो पत्रिका

Food Security Scheme Update : खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीबों को मिलने वाला गेहूं कैसे डीलरों की जेब में जा रहा है, इसकी पोल रसद विभाग की हाल ही में की गई जांच में खुलकर सामने आ गई। गड़बड़ी सामने आने पर विभाग ने पांच राशन डीलरों के प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिए हैं। विभागीय टीम की ओर से कराए गए फिजिकल वेरिफिकेशन में कई उचित मूल्य दुकानदारों पर गंभीर लापरवाही और गड़बड़ियों के प्रमाण मिले हैं। कहीं लाभार्थियों से अंगूठा तो लगवा लिया गया, लेकिन गेहूं का एक दाना भी नहीं दिया गया। कहीं पूरा स्टॉक बांटा ही नहीं गया और दुकान बंद मिली।

विभाग ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए पांच डीलरों के प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिए हैं, जबकि कई अन्य की जांच जारी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये अनियमितताएं शहर के ही उन इलाकों में हुईं, जहां विभागीय अधिकारियों की नियमित निगरानी रहती है।

डीलरों ने गेहूं हड़पने की कोशिश की

इससे खाद्य सुरक्षा योजना की पारदर्शिता और लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि उपभोक्ताओं की मिली शिकायत को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराई तो गड़बड़ी सामने आने पर सख्त कार्रवाई की गई है। जांच अधिकारियों के अनुसार कई दुकानों में पॉस मशीन में वितरण दिखाया गया है, लेकिन मौके पर लाभार्थियों को कुछ नहीं मिला। इससे स्पष्ट है कि डीलरों ने तकनीकी प्रणाली का दुरुपयोग कर गेहूं हड़पने की कोशिश की।

तो डीलरों पर एफआइआर दर्ज होगा - जिला रसद अधिकारी

जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देश पर पूरे शहर में फिजिकल वेरिफिकेशन अभियान जारी है, जिसमें लाभार्थियों से फीडबैक के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। लाभार्थियों ने विभागीय टीम को बताया कि कई बार उन्हें दुकान पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं या अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें गेहूं नहीं मिलता। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यदि आगामी जांचों में भी ऐसी ही गड़बड़ियां सामने आती हैं तो डीलरों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

जांच में खुले खेल

1- दिव्या सिंह वार्ड 38 की दुकान पर 50 क्विंटल गेहूं कम मिला।
2- बनय सिंह वार्ड नंबर 41 की दुकान बंद मिली और जांच में 29 क्विंटल गेहूं गायब मिला।
3- गौरी देवी नमक कटरा ने लाभार्थियों से फिगर प्रिंट लगवा लिए, गेहूं नहीं दिया। 120 क्विंटल गेहूं कम पाया गया।
4- योगेश चाहर हाउसिंग बोर्ड के यहां 26 क्विंटल गेहूं का अंतर मिला है।

प्रवर्तन अधिकारी की जांच रिपोर्ट पेश

1- जिला रसद अधिकारी पवन अग्रवाल ने आदेश में कहा है कि प्रवर्तन अधिकारी की जांच रिपोर्ट के अनुसार शहर भरतपुर के वार्ड नंबर 38 की उचित मूल्य दुकानदार दिव्या सिंह की दुकान का निरीक्षण 17 नवबर को किया गया। जांच में गंभीर अनियमितताएं होने पर दिव्या सिंह का प्राधिकार पत्र निलंबित किया है।
2- दूसरे आदेश में लिखा है कि वार्ड नंबर 41 के उचित मूल्य दुकानदार बनय सिंह की दुकान का निरीक्षण 19 नवबर को किया गया। जांच में गंभीर अनियमितताओं के कारण बनय सिंह के प्राधिकार पत्र को आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
3- डीएसओ पवन अग्रवाल ने इसके अलावा वार्ड नंबर 43 के उचित मूल्य दुकानदार योगेश कुमार, वार्ड नंबर 28 की उचित मूल्य दुकानदार गौरी देवी एवं वार्ड नंबर 2 के दुकानदार सुमित सिंघल का प्राधिकार पत्र अग्रिम आदेशों तक निलंबित किया है।

रविवार को खुली रहेंगी राशन की दुकानें

अब राशन कार्डधारकों को नियमित रूप से गेहूं प्राप्त करने के लिए परिवार के सभी पात्र सदस्यों की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। 5 वर्ष से 70 वर्ष आयु तक के सदस्यों की ई-केवाईसी पूर्ण नहीं होने पर आगामी महीनों में खाद्यान्न वितरण रोकना पड़ सकता है। विभाग ने 23 नवंबर को जिले की सभी उचित मूल्य की दुकानों को अनिवार्य रूप से खुला रखने के आदेश जारी किए हैं।

Published on:
21 Nov 2025 01:54 pm