
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो पत्रिका
Mangala Pashu Bima Yojana : प्राकृतिक आपदा, बीमारी और अन्य कारणों से पशुओं की मृत्यु होने पर पशुपालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। इस नुकसान की भरपाई और पशुपालकों को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की मंगला पशु बीमा योजना में इस बार महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
गत वर्ष लाटरी प्रणाली को समाप्त कर अब सरकार ने पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पशुओं का निशुल्क बीमा करने का निर्णय लिया है। पंजीकरण 21 नवंबर से शुरू हो रहे हैं और बीमा कार्य 1 दिसंबर से विशेष शिविरों में किए जाएंगे। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि पिछली लॉटरी में चयनित कई पशुओं का भी बीमा नहीं हो पाया था और योजना के क्रियान्वयन में देरी हो रही थी।
पिछले वर्ष राजस्थान सरकार ने पंजीकृत पशुपालकों की लाटरी निकालकर चयनित पशुओं का बीमा किया था, लेकिन बड़ी संख्या में पशुपालकों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद सरकार ने प्रक्रिया को सरल बनाते हुए पशुपालकों को ई-मित्र, योजना एप और पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के बाद एक दिसंबर से गांव-गांव में शिविर लगाने का निर्णय लिया है।
राजस्थान में घट रही ऊंटों की संख्या को देखते हुए भजनलाल सरकार ने इस योजना में ऊंट पालकों के हित में बड़ा बदलाव किया है। इस वर्ष एक जनाधार पर अधिकतम 10 ऊंटों का बीमा किया जाएगा, जबकि पिछले वर्ष यह सीमा केवल एक ऊंट तक सीमित थी।
योजना में पंजीकरण 21 नवंबर से प्रारंभ होगा। 1 दिसंबर से गांव स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष 'पहले आओ-पहले पाओ' पर बीमा होगा। ऊंटों की यूनिट संख्या बढ़ाकर 10 की गई है। इससे ऊंट संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. मदन गिरी, उप निदेशक, पशुपालन विभाग
Published on:
21 Nov 2025 12:27 pm
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