भरतपुर

Rajasthan Gambling : राजस्थान में मुर्गा की जंग बनी कमाई का नया जरिया, जीतने पर हो जाते हैं मालामाल, साइबर ठगों की भी हुई एंट्री

Rajasthan Gambling : हरियाणा व राजस्थान का मेवात मुर्गों के खूनी खेल का गढ़ बनता जा रहा है। मुर्गों पर एक हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक दांव खेला जाता है। जुए के इस खेल में अब साइबर ठगों की एंट्री हो गई है।
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Rajasthan Mewat chicken Gambling become new source of income Cyber ​​fraudsters have also entered
फोटो पत्रिका

Rajasthan Gambling : साइबर ठगी के जाल के बाद अब मेवात मुर्गों के खूनी खेल का गढ़ भी बनता जा रहा है। सप्ताह में यहां के एक दर्जन से अधिक गांवों में दिल्ली एनसीआर के जुआरी जुटते हैं। मुर्गों पर एक हजार से लेकर दो लाख रुपए तक दांव खेला जाता है। जुए के इस खेल में अब साइबर ठगों की एंट्री हो गई है। यह उनकी कमाई का जरिया बन रहा है।

हालांकि अभी राजस्थान के मेवात में यह शुरू ही हुआ है, लेकिन सीमा से सटे हरियाणा के मेवात में बड़े पैमाने पर चल रहा है। पड़ताल में सामने आया है कि दो मुर्गों के बीच एक खूनी लड़ाई कराई जाती है, जिसे कॉकपिट नामक घेरे में रखा जाता है। लड़ाई के इन मुर्गों की कीमत 50 हजार से एक लाख रुपए तक है।

हरियाणा सीआइए के रिकॉर्ड के मुताबिक वहां मेवात के 28 से ज्यादा गांवों में यह खेल काफी समय से चल रहा है। इसमें विशेष दिवस में पांच-पांच लाख रुपए तक का दांव लगाया जाता है। पुलिस की कार्रवाई के बीच अब गिरोह ने राजस्थान के मेवात को गढ़ बना लिया है।

मुर्गों की लड़ाई पर है प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 का उल्लंघन मानते हुए मुर्गों की लड़ाई पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि यह देश के विभिन्न हिस्सों खासकर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अभी भी चल रहा है और इस पर बड़े पैमाने पर दांव लगाए जाते हैं। तीतर और मुर्गों के चोंच और पंजों को कांच से नुकीला और धारदार बनाया जाता है। मुरादाबाद व अन्य स्थानों से असील नस्ल का मुर्गा लाया जाता है, जो कि लड़ने में माहिर माना जाता है।

सोशल मीडिया पर देते हैं तारीख

पुलिस ने अगस्त माह में मेवात के एक गांव में कार्रवाई की तो सामने आया कि गैंग के ज्यादातर नाम फिल्मी अभिनेताओं के नाम पर है। इनमें सलमान, अरबाज, इरफान, मुल्ला, खालिद, इमरान, सरपू और कल्लू जैसे मुर्गा गैंग शामिल हैं। मुर्गों की लड़ाई पर दांव लगाने के लिए एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया होता है। इसमें तारीख डाली जाती है और लोग वहां जुटने लगते हैं।

पुलिस रख रही नजर

जिले के गोपालगढ़ और कैथवाड़ा में मुर्गों की लड़ाई के प्रचलन के बाद पुलिस ने तीन केस रजिस्टर्ड किए हैं। पुलिस ऐसे प्रकरणों में गंभीरता के साथ कार्रवाई करतीं है।
ओमप्रकाश मीणा, जिला पुलिस अधीक्षक डीग

Published on:
19 Dec 2025 11:26 am