
MP Fake Doctor Satish Chandra: राजस्थान के डीग जिले से जुड़ा एक बड़ा फर्जी डॉक्टर प्रकरण मध्यप्रदेश में सामने आया है। आरोप है कि डीग जिले के पूंछरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा के शैक्षणिक दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके चाचा सतीश चंद्र शर्मा ने मध्यप्रदेश में फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हासिल कर ली। आरोपी कई सालों तक मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में मेडिकल ऑफिसर के पद पर काम करता रहा।
मामला तब सामने आया जब रीवा लोकायुक्त की टीम ने शहडोल जिले में कार्रवाई करते हुए मेडिकल ऑफिसर सतीश चंद्र शर्मा को 5000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। जांच के दौरान सामने आया कि जिस व्यक्ति को शहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में डॉ. महेश चंद्र शर्मा के नाम से पदस्थ बताया जा रहा था वह असल में सतीश चंद्र शर्मा था।
आरोप है कि सतीश चंद्र शर्मा ने अपने भतीजे डॉ. महेश चंद्र शर्मा की MBBS डिग्री मेडिकल प्रमाण-पत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। उसने अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड लगाया और नौकरी हासिल करने के लिए भतीजे के दस्तावेज लगाए। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने शहडोल के अलावा मध्यप्रदेश के श्योपुर और खरगोन जिलों में भी मेडिकल ऑफिसर के पद पर सेवाएं दीं।
मामले का खुलासा होने के बाद राजस्थान के डीग जिले में पदस्थ असली डॉक्टर डॉ. महेश चंद्र शर्मा को जानकारी मिली। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित डॉक्टर की तस्वीर देखने के बाद उन्हें शक हुआ कि दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि उनका चाचा सतीश चंद्र शर्मा है। इसके बाद डॉ. महेश चंद्र शर्मा शहडोल पहुंचे और जयसिंहनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके चाचा ने उनकी मेडिकल डिग्री और प्रमाण-पत्रों का फर्जी तरीके से उपयोग कर खुद को डॉक्टर बताकर सरकारी नौकरी हासिल की। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब दस्तावेजों के सत्यापन में जुटे हैं।
मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति के दौरान मूल दस्तावेजों की जांच और मेडिकल डिग्री व पंजीयन का सत्यापन सही तरीके से नहीं किया गया। शहडोल के सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि एनएचएम की ओर से तीनों जिलों में आरोपी की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं आरोपी के खिलाफ जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।