
भरतपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजस्थान सरकार ने मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान वाले दिन सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मतदान के लिए छुट्टी मिलेगी। खास बात यह है कि कंपनी और संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों को यह अवकाश सवैतनिक यानी वेतन के साथ दिया जाएगा।
राजस्थान सरकार के सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार नगरीय निकायों में आम चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान कराया जा रहा है। प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर 2026 (बुधवार) और द्वितीय चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को होगा। राज्य सरकार ने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में इन दोनों मतदान दिवसों पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को अधिकृत किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के तहत राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में रिक्त पदों पर आम चुनाव कराए जा रहे हैं। मतदान को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
श्रम विभाग राजस्थान के निर्देशों के अनुसार मतदान में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को भी निर्देश दिए गए हैं। संबंधित नगरपालिका क्षेत्रों में स्थित कंपनियों और अन्य प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी कामगारों को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा। इसमें आकस्मिक कामगार भी शामिल हैं। यानी कर्मचारी मतदान करने के लिए छुट्टी ले सकेंगे और उनके वेतन में कटौती नहीं होगी।
भरतपुर जिले में नगर निगम भरतपुर तथा नगरपालिका रूपवास और भुसावर में 9 सितंबर को मतदान होगा। वहीं नदबई, बयाना, वैर और उच्चैन में 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर कमर चौधरी ने इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश का आदेश जारी किया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी मतदान क्षेत्र में पुनर्मतदान की स्थिति बनती है तो पुनर्मतदान वाले दिन भी संबंधित क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। राज्य सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों के साथ निजी कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रमिकों को भी मतदान का अवसर मिलेगा।