6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

झालावाड़ निकाय चुनाव में आमने-सामने चचेरे भाई, एक BJP तो दूसरा कांग्रेस से; दोनों के बीच जबरदस्त सियासी टक्कर

झालावाड़ नगर निकाय चुनाव के वार्ड-26 में इस बार दिलचस्प सियासी मुकाबला देखने को मिल रहा है। जवाहर कॉलोनी निवासी दो चचेरे भाई आमने-सामने चुनावी मैदान में उतरे हैं। भाजपा ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनोज गुर्जर को मैदान में उतारा है, तो कांग्रेस ने पूर्व पार्षद राजेश गुर्जर पर भरोसा जताया है।
2 min read
Google source verification
jhalawar local body election news

चुनाव प्रचार के दौरान वार्ड में जनसंपर्क करते राजेश गुर्जर (पत्रिका फोटो)

Jhalawar Local Body Election: झालावाड़ नगर निकाय चुनाव में वार्ड-26 का मुकाबला इस बार सिर्फ राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है, बल्कि यहां रिश्तों की भी परीक्षा होने जा रही है। वार्ड में दो चचेरे भाई आमने-सामने हैं। एक भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है तो दूसरे को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। दोनों लंबे समय से जवाहर कॉलोनी में रहते हैं और अब एक-दूसरे के खिलाफ वोट मांगते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि वार्ड-26 का चुनाव पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एक पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष तो दूसरा पूर्व पार्षद

भाजपा ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनोज गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व पार्षद राजेश गुर्जर पर दांव खेला है। दोनों अपने राजनीतिक अनुभव और समर्थकों के साथ मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। चुनाव प्रचार के साथ ही वार्ड में यह सवाल भी जोर पकड़ रहा है कि इस बार मतदाताओं का भरोसा किसके पक्ष में जाएगा।

रिश्ते में भाई, सियासत में प्रतिद्वंदी

मनोज और राजेश के बीच पारिवारिक रिश्ता भले ही करीबी है, लेकिन चुनाव ने दोनों को आमने-सामने ला खड़ा किया है। घर-परिवार में रिश्ते अपनी जगह है और सियासत अपनी जगह। दोनों प्रत्याशी अपने-अपने दल और चुनाव चिन्ह के साथ मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। वार्ड के लोगों के लिए भी यह मुकाबला इसलिए खास है कि उन्हें दो परिचित चेहरों में से एक को अपना प्रतिनिधि चुनना है। मोहल्ले की चुनावी चर्चाओं में भी अब दोनों प्रत्याशियों के राजनीतिक कद, पुराने जुड़ाव और समर्थकों को लेकर खूब चर्चा हो रही है।

किसके सिर सजेगा जीत का ताज?

नगर निकाय चुनाव में वार्ड-26 का यह मुकाबला अब सामान्य चुनावी मुकाबले से आगे निकल गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर के साथ रिश्तेदारी का यह समीकरण भी चुनाव को रोचक बना रहा है। दोनों प्रत्याशी अपनी जीत के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। अब अंतिम फैसला वार्ड के मतदाताओं के हाथ में है कि वे परिवार के किस चेहरे को अपना पार्षद चुनते हैं।