भरतपुर

Rajasthan Teacher : बिना टीईटी नहीं मिलेगा प्रमोशन, शिक्षकों पर सुप्रीम कोर्ट की शर्तें लागू

Rajasthan Teacher : राजस्थान सहित पूरे देश के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति पर लोकसभा में बड़ा और स्पष्ट जवाब आ गया है। शिक्षा मंत्रालय ने संसद में कहा है कि बिना टीईटी पास किए कोई भी शिक्षक प्रमोशन का पात्र नहीं माना जाएगा।

2 min read
फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Teacher : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति पर लोकसभा में बड़ा और स्पष्ट जवाब आ गया है। शिक्षा मंत्रालय ने संसद में कहा है कि टीईटी अब केवल नई भर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति के लिए भी अनिवार्य होगी। बिना टीईटी पास किए कोई भी शिक्षक प्रमोशन का पात्र नहीं माना जाएगा। यह शर्त राजस्थान सहित पूरे देश में लागू होगी।

लोकसभा में पूछे गए प्रश्न में यह मुद्दा उठाया गया कि क्या वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी के अभाव में अनिश्चितता और प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या सरकार उनके लिए कोई समान राष्ट्रीय नीति बनाकर उन्हें टीईटी से पूरी तरह छूट देने पर विचार कर रही है।

ये भी पढ़ें

Pension Update : राजस्थान में पेंशन पर नया अपडेट, पेंशनर्स के सत्यापन व भुगतान पर मुख्य सचिव ने दिया नया आदेश

शिक्षक बनने के लिए टीईटी अनिवार्य

इसके जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 की धारा 23 के तहत राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी कर कक्षा 1 से आठ तक शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम योग्यता तय की थी, जिसमें टीईटी अनिवार्य है।

कोर्ट ने वर्ष 2011 से पहले भर्ती शिक्षकों को लेकर की विशेष व्यवस्था

मंत्रालय ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितंबर 2025 के अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि आरटीई अधिनियम के तहत आने वाले स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए टीईटी न्यूनतम योग्यता का अनिवार्य हिस्सा है। साथ ही कोर्ट ने वर्ष 2011 से पहले भर्ती शिक्षकों को लेकर विशेष व्यवस्था की है।

कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही लागू रहेगी व्यवस्था

सरकार ने लोकसभा में यह साफ कर दिया कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को लेकर कोई पूर्ण छूट की नीति लाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही व्यवस्था लागू रहेगी। इस जवाब के बाद देशभर के हजारों शिक्षकों पर सीधा असर पड़ेगा। इससे तय है कि टीईटी पास किए बिना न तो प्रमोशन मिलेगा और न ही उच्च पदों पर जाने का रास्ता खुलेगा।

यह लागू की है व्यवस्था

1- जिन शिक्षकों की सेवा में 5 वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें 1 सितंबर 2025 से दो वर्ष के भीतर टीईटी पास करना होगा, तभी वे सेवा में बने रह सकेंगे।
2- जिन शिक्षकों की सेवा में 5 वर्ष से कम समय बचा है, उन्हें बिना टीईटी के सेवानिवृत्ति तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी गई है। हालांकि ऐसे शिक्षक टीईटी पास किए बिना किसी भी स्थिति में पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
3- मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि शिक्षक के रूप में सीधी भर्ती ही नहीं, बल्कि पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति के लिए भी टीईटी अनिवार्य योग्यता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

यह बोले शिक्षक संघ के पदाधिकारी

पुराने लोगों का प्रमोशन रोकना गलत है। सीनियर शिक्षकों को सरकार की ओर से कोई भी ओरिएंटेशन कोर्स करा दिया जाए, जिससे वे अपडेट हो जाएं। सीनियर टीचरों को टेस्ट से मुक्ति दिलाई जाए, जिससे उनके प्रमोशन का रास्ता नहीं रुके।
पवन शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम

ये भी पढ़ें

RPSC : आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, पर रिहाई नहीं

Updated on:
10 Feb 2026 11:28 am
Published on:
10 Feb 2026 11:27 am
Also Read
View All

अगली खबर