राजस्थान के भरतपुर जिले में 62 घरों पर नगर निगम ने लाल निशान लगा दिया है। अब इन घरों को कभी भी गिराया जा सकता है। मकान मालिक बुलडोजर एक्शन के डर में जी रहे हैं, क्योंकि सड़क को 80 फीट चौड़ा किया जाना है।
भरतपुर। नगर निगम की ओर से केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान से बी-नारायण गेट तक सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए कवायद की जा रही है। सड़क किनारे स्थित मकानों को तोड़ने के लिए निशान भी लगा दिए गए। अब मंगलवार को नगर निगम के अधिकारियों की ओर से सर्वे की कार्रवाई शुरू की गई है। इसके तहत नगर निगम प्रशासन ने मकान मालिकों से जमीन संबंधी कागज मांगे हैं, ताकि उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा दिलवाया जा सके।
नगर निगम की कार्रवाई से मकान मालिक चिंतित हैं, क्योंकि उनके मकानों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि वे बेघर हो जाएंगे। उनका कहना है कि सरकार यदि उनके घरों को तोड़ेगी तो वे कहां रहेंगे। मकान मालिक मुख्यमंत्री, जिला कलक्टर और नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन देकर मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगा चुके हैं।
नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि निशान लगाने के बाद मकानों का सर्वे किया जा रहा है, उनके मकान के दस्तावेज मांगे जा हैं, जिन लोगों के दस्तावेज होंगे, उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा दिलवाया जाएगा, जिनका अतिक्रमण होगा, उनके घर बिना मुआवजे के तोड़े जाएंगे।
उधर गृह स्वामी सरकार से मुआवजे की उमीद कर रहे हैं और चाहते हैं कि उन्हें बेघर नहीं किया जाए। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार उन्हें अन्य जगह जमीन दे ताकि वे अपने परिवार के साथ रह सकें। उल्लेखनीय है कि करीब 62 घरों पर लाल निशान लगाए गए हैं।