
RGHS Scam : आरजीएचएस में दवाइयों के नाम पर काजू-बादाम और घरेलू सामान लेने के मामले में अब डॉक्टर-कर्मचारी और मेडिकल स्टोर की तिकड़ी बेनकाब होती नजर आ रही है। शासन सचिव (वित्त) के निर्देश पर कराई गई जांच में शिक्षा और पुलिस विभाग के 17 कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित करने के बाद अब 13 राजकीय चिकित्सकों को सोमवार को जयपुर बुलाकर पूछताछ की गई। साथ ही कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों का अभी भी भुगतान इसी के चलते रुका हुआ है।
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी जयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। जांच में साफ हुआ कि पुलिस विभाग के 7 और शिक्षा विभाग के 10 कर्मचारियों ने आरजीएचएस कार्ड का दुरुपयोग किया। कुछ कर्मचारियों ने तो अपना आरजीएचएस कार्ड मेडिकल स्टोर संचालकों को सौंप दिया और दवाओं की जगह मनचाहा सामान उठाया।
आरजीएचएस के दुरुपयोग के आरोप में भरतपुर जिले के 13 चिकित्सकों को सोमवार को जयपुर तलब किया गया। इसमें सैटेलाइट हॉस्पिटल भरतपुर के डॉ. गौरीशंकर, डॉ.वीरेन्द्र रावत, डॉ. संजय चौधरी और डॉ. मीनल माथुर शामिल हैं।
वहीं आरबीएम अस्पताल के डॉ. अरुण दुबे, डॉ. लोकेन्द्र, डॉ. विनीत, डॉ. धीरज, डॉ. राजवीर सिंह और डॉ. प्रवीण शर्मा के अलावा कुम्हेर की अवार सीएचसी के डॉ. धर्मेश, कुम्हेर अस्पताल की डॉ. प्रियंका सिंह और तिलक नगर यूपीएचसी के डॉ. हरिओम पाठक को जयपुर बुलाकर पूछताछ की गई।