भरतपुर

Bharatpur : परिवहन विभाग का ट्रैक्टर व ट्रॉली के खिलाफ सख्ती, व्यवसायिक रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य, नहीं तो लगेगा जुर्माना

Bharatpur : भरतपुर में परिवहन विभाग ने जिन ट्रैक्टरों और ट्रॉली का व्यवसायिक रजिस्ट्रेशन नहीं है उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे ट्रैक्टर संचालकों में खलबली मच गई है। जानें पूरा मामला।
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Updated: 30 Jun 2026, 11:17 AM IST
Transport department strict Bharatpur tractors trolleys business registration mandatory
Bharatpur : भरतपुर में व्यवसायिक उपयोग के लिए ट्रॉली में ले जाते हुए पत्थर। फोटो पत्रिका

Bharatpur : भरतपुर जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के ही ट्रैक्टर का कामर्शियल उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। खेती के उपयोग के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर से ईंट और बजरी ढो रहे हैं। इसका परिवहन विभाग को टैक्स भी नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में परिवहन विभाग ने ऐसे ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसलिए ट्रैक्टर संचालकों में खलबली मच गई है। किसान अगर ट्रैक्टर का उपयोग खेती के लिए करते हैं तो उन्हें परिवहन विभाग को पंजीकरण के अलावा टैक्स देने की जरूरत नहीं होती है। साथ ही वह ट्रॉली का उपयोग खेती के लिए करते है तो कोई टैक्स देना नहीं होता है लेकिन उसका व्यावसायिक उपयोग होगा तो उन्हें टैक्स देना होगा।

भरतपुर जिले में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर हैं और वे खेती के लिए ही पंजीकृत हैं। इसमें कुछ ट्रैक्टर ही खेती का काम कर रहे है। अधिकतर ट्रैक्टर ईंट, बालू या अन्य सामग्री ढो रहे हैं। टैक्स दिए बिना ही लोग ट्रैक्टर का व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं। परिवहन विभाग की मानें तो अब केवल 160 ट्रॉली ही रजिस्टर्ड हैं। जबकि जिलेभर में सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली दौड़ रहे हैं जो व्यवसायिक उपयोग में लिए जा रहे हैं। इसलिए परिवहन विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

ट्रॉली का खेती के लिए उपयोग होगा तो हर साल टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर वह इससे बालू और ईंट ढोते हैं तो इसके लिए 700 रुपए का रजिस्ट्रेशन और 1500 रुपए का ग्रीन टैक्स जमा कराना होता है जो वन टाइम है। वहीं हर ट्रॉली में पीछे नंबर रजिस्ट्रेशन और रिफलेक्टर लगाना अनिवार्य है। रिफलेक्टर न लगे होने से अक्सर हादसे होते हैं। शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर लगेगा जुर्माना

कई किसान ट्रैक्टर लेकर उसका रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं लेकिन ट्रॉली का रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं। जबकि ट्रॉली का अलग से रजिस्ट्रेशन होता है और उसका अलग नंबर भी मिलता है। चूंकि ट्रैक्टर का उपयोग खेती के उद्देश्य से है इसलिए किसानों के हित के लिए उनकी जांच नहीं होती थी। लेकिन इसका कामर्शियल उपयोग बढ़ गया है इसलिए अब जांच की जा रही है। साथ ही ट्रॉली का रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर अब जुर्माना भी लगेगा।
अभय मुदगल, डीटीओ

Updated on:
30 Jun 2026, 11:17 AM IST
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