
BSP Scrap Theft Case: बीएसपी से 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। आरोपी को आर्थिक रूप से पंगु बनाने और आत्मसमर्पण का दबाव बढ़ाने के लिए पुलिस ने मुख्य फरार आरोपी व 'हिमांशु ब्रदर्स' के संचालक हिमांशु खंडेलवाल के 12 बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बाद विदेश भागने की फिराक में है।
पुलिस का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर बिना मिलीभगत के संयंत्र से लोहा बाहर जाना मुमकिन नहीं है। पुलिस अन्य संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय कड़ियों को भी खंगाल रही है, ताकि जल्द ही इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
भिलाई-3 पुलिस ने बीते 26 मई को बीएसपी के भीतर से 250 टन लोहा चोरी होने का भंडाफोड़ किया था। इस वीवीआईपी चोरी में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच में सामने आया कि ब्लास्ट फर्नेस-8 से मगडम तक फ्लू डस्ट परिवहन का ठेका संभालने वाली एजेंसी 'हिमांशु ब्रदर्स' के संचालक हिमांशु खंडेलवाल की इस घोटाले में मुख्य भूमिका थी। केस दर्ज होते ही हिमांशु फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस उसके करीबियों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
हिमांशु खंडेलवाल के अलग-अलग बैंकों में संचालित 12 खातों को फ्रीज कर दिया गया है ताकि वह फरारी के दौरान पैसों का लेन-देन न कर सके। स्क्रैप चोरी की जांच कर रही विशेष टीम ने शुक्रवार को सीआईएसएफ के एक निरीक्षक (इंस्पेक्टर) को नोटिस देकर तलब किया। सुरक्षा में चूक और स्क्रैप की आवाजाही को लेकर इंस्पेक्टर से दिनभर कड़ी पूछताछ की गई और बयान दर्ज किए गए।
बता दें कि भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप की कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश के सबसे चर्चित औद्योगिक घोटालों में शामिल हो गया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इतनी बड़ी मात्रा में स्क्रैप की निकासी बिना किसी संगठित नेटवर्क या मिलीभगत के संभव नहीं थी। इसी आधार पर पुलिस ने स्क्रैप की खरीद-बिक्री, परिवहन, बैंक लेनदेन और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।