भिलाई

CG News: बंद खदान में डूबा 12 साल का बच्चा, तीन दिन बाद मिला शव

CG News: खदान के गड्ढे में बालक की डूबने से मौत हुई है, वह कमल अग्रवाल की बताई गई है। यह खदान करीब 10 साल से बंद है, लेकिन इसके गड्ढे को अब तक नहीं पाटा गया है।

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Apr 26, 2025

CG News: ग्राम मुड़पार में बंद खदान के खुले गड्ढे ने एक बच्चे की जान ले ली। 12 साल के हर्ष यादव पिता राजेश यादव का शव शुक्रवार को लबालब भरे खदान के गड्ढे में मिला। माना जा रहा है कि बिना फेंसिंग के खदान के खुले गड्ढे में गिरकर डूब जाने से बालक की मौत हुई है।

जिस खदान के गड्ढे में बालक की डूबने से मौत हुई है, वह कमल अग्रवाल की बताई गई है। यह खदान करीब 10 साल से बंद है, लेकिन इसके गड्ढे को अब तक नहीं पाटा गया है। बताया जा रहा है कि खदान को पाटने के खर्च से बचने के लिए संचालक ने यहां दिखावे के लिए मछली पालन शुरू कर दिया और मामला शांत होने के बाद बंद कर दिया।

घटना की जानकारी होने पर एसपी विजय अग्रवाल उतई थाना पहुंचे। टीआई विपिन रंगारी ने उन्हें घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने तत्काल बटालियन से डॉग स्क्वायड टीम को बुलाया। बच्चे के पुराने कपड़े को सुंघाने को कहा। टीम डॉग स्क्वायड के साथ राजेश के घर पहुंची। बच्चे के पुराने कपड़े को सुंघाया गया। हैंडलर के साथ ट्रेकर डॉग सीधे खदान के पास ले गया। हालांकि उस जगह पर दो खादानें हैं, लेकिन टीआई को एक लाइन मिली। जिस पर खोजबीन शुरू की। टीआई ने एसडीआरएफ को बुलाया। टीम ने दो दिन तक खदान में रेस्क्यू किया। तीसरे दिन दूसरे खदान में जब पुलिस पहुंची तब हर्ष का शव ऊपर आ गया था। खदान के पास पर उसके कपड़े भी मिले। जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। खदान से उसे रेस्क्यू किया गया।

सिस्टम के जिमेदारों की जानलेवा लापरवाही

खनिज नियम के मुताबिक आबादी के आसपास चूना पत्थर के खनन के लिए अधिकतम 10 मीटर और मुरुम के लिए 7 मीटर गहराई तक खुदाई का नियम हैं। इसके विपरीत पाटन के सेलूद, चुनकट्टा, पतोरा व मुड़पार और धमधा के पथरिया क्षेत्र के अधिकतर चालू व बंद खदानों के 20 से 25 मीटर गहराई तक के गड्ढे हैं। घटना वाले खदान की गहराई भी 20 से 25 मीटर बताई जा रही है।

जिले में पाटन के सेलूद, पतोरा, चुनकट्टा, मुड़पार, छाटा, गुढियारी, कानाकोट, परसाही, धौराभाठा, बेल्हारी व धमधा के पथरिया, नंदिनी अहिवारा, इलाकों में चूना पत्थर के खदान हैं। इन सभी क्षेत्रों में खुदाई के बाद छोड़े गए गड्ढ़े हैं। कई इलाकों में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री पहुंचे, परिवार से मिले

खदान के गड्ढे में डूबने से बच्चे की मौत की सूचना पर पूर्व मुयमंत्री भूपेश बघेल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार के लोगों ने घटना के लिए खदान संचालक को जिमेदार ठहराते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

Updated on:
26 Apr 2025 12:47 pm
Published on:
26 Apr 2025 12:42 pm
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