भिलाई

Bhilai News: AI ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी, गला दबाकर और पत्थर से वार कर की थी हत्या, ऐसे पकड़े गए आरोपी

AI in Crime Investigation: भिलाई के पुलगांव में महिला हत्याकांड की गुत्थी दुर्ग पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सुलझा ली है। धुंधली CCTV फुटेज को AI तकनीक से स्पष्ट कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और महज चार दिनों में दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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Jul 22, 2026
Chhattisgarh News
हत्यारों तक पहुंची दुर्ग पुलिस (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Blind Murder Case: भिलाई के पुलगांव क्षेत्र में महिला की हत्या की गुत्थी सुलझाने में दुर्ग पुलिस ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल कर बड़ी सफलता हासिल की है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्धों की तस्वीरें धुंधली थीं, जिससे उनकी पहचान संभव नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने इन फुटेज को एआई आधारित इमेज एन्हांसमेंट तकनीक से स्पष्ट कराया। तस्वीरें साफ होने के बाद संदिग्धों की पहचान हुई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस चार दिन के भीतर दोनों आरोपियों तक पहुंच गई।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने महिला को पैसों का प्रलोभन देकर सुनसान स्थान पर ले जाकर जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध और पुलिस में शिकायत की चेतावनी मिलने पर गमछे से गला दबाकर तथा पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में कपड़े बदलकर और साक्ष्य छिपाकर बचने का प्रयास किया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पत्थर, कपड़े और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।

आरोपियों की पहचान थी सबसे बड़ी चुनौती

16 जुलाई को मजदूरी के लिए निकली महिला की हत्या के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान थी। पारंपरिक जांच के साथ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कराया, लेकिन तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं। एआई तकनीक से फुटेज को बेहतर गुणवत्ता में परिवर्तित करने पर संदिग्धों के चेहरे और हुलिये स्पष्ट हुए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय जानकारी के आधार पर हर्ष यादव (19) और नितेश ठाकुर (20) को हिरासत में लिया।

तकनीक से जांच को मिलेगी नई दिशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्ग जिले (Bhilai News) में किसी हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एआई तकनीक का यह पहला सफल प्रयोग है। अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में धुंधले सीसीटीवी फुटेज, कम गुणवत्ता वाली तस्वीरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में एआई पुलिस जांच का महत्वपूर्ण उपकरण साबित हो सकती है।

चार दिनों में पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई

दुर्ग पुलिस ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर यह साबित किया है कि आधुनिक तकनीक अपराध जांच में बड़ी भूमिका निभा सकती है। धुंधली CCTV फुटेज को AI से स्पष्ट कर आरोपियों की पहचान की गई और महज चार दिनों में पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई। यह मामला भविष्य में तकनीक आधारित पुलिसिंग के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

Updated on:
22 Jul 2026 10:57 am
Published on:
22 Jul 2026 10:57 am