भिलाई

PDS rice in Bhilai: राशन दुकान पर कार्रवाई के बाद सवाल, एक गोदाम से 60 बोरी PDS तो, दूसरे से निकला 72 बोरी खंडा

Bhilai News: PDS चावल की कार्रवाई के बाद सवाल उठे हैं। एक गोदाम से 60 बोरी चावल PDS और दूसरे से 72 बोरी चावल खंडा मिला। जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल।
3 min read
• •
Oct 04, 2026
PDS rice in Bhilai
राशन दुकान पर कार्रवाई (Photo Patrika)
Bhilai News: पीडीएस चावल की कथित कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ की गई खाद्य विभाग की कार्रवाई अब जांच के नतीजों को लेकर सवालों के घेरे में है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर 16 सितंबर को भिलाई के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान दो गोदामों से कुल 132 बोरी चावल जब्त किए गए और इनके सैंपल जांच के लिए नागरिक आपूर्ति निगम (नान) भेजे गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एक गोदाम से मिले चावल को पीडीएस चावल और दूसरे गोदाम से जब्त चावल को खंडा चावल बताए जाने से कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों जगहों से लिए गए सैंपल में फोर्टिफाइड चावल भी पाए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में एक ही तरह की शिकायत पर हुई कार्रवाई में जांच के परिणाम अलग-अलग आने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


एक जैसी शिकायत लेकिन जांच रिपोर्ट अलग

जानकारी के मुताबिक तीनों ठिकानों पर संदिग्ध पीडीएस चावल के भंडारण की शिकायत मिली थी। इसी आधार पर खाद्य विभाग और राजस्व अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान चावल के नमूने लिए गए और उन्हें परीक्षण के लिए नान भेजा गया। सुपेला के राजीव नगर स्थित चेलक की गोदाम से 60 बोरी चावल जब्त किया गया था। जांच रिपोर्ट में इसे पीडीएस चावल बताया गया।

गोदाम से 72 बोरी चावल जब्त

दूसरी ओर खुर्सीपार के बालाजी नगर स्थित त्रिवेदी किराना स्टोर संचालक त्रिवेदी लाल साव की गोदाम से 72 बोरी चावल जब्त हुआ था। इसकी जांच रिपोर्ट में चावल को खंडा बताया गया। दोनों स्थानों से लिए गए सैंपल में फोर्टिफाइड चावल मिलने की बात भी सामने आई है। इसी बिंदु को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि यदि दोनों जगह संदिग्ध चावल के भंडारण की शिकायत पर कार्रवाई हुई थी, तो जांच के बाद दोनों के वर्गीकरण में अंतर क्यों आया।

सफेद बोरियों से लदी गाड़ी का वीडियो भी सामने आया

कार्रवाई के दौरान एक मालवाहक वाहन को लेकर भी मामला चर्चा में आया। कैंप-1 वार्ड-30 स्थित निक्की गोदाम की जांच तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक की मौजूदगी में की गई थी। इसी दौरान सफेद बोरियों में चावल लदी मालवाहक गाड़ी क्रमांक CG-08-L-0563 का चालक सन्नी कथित तौर पर वाहन लेकर निकलने लगा। बताया गया कि तहसीलदार ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। इस घटनाक्रम का वीडियो भी बनाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इसके बाद वाहन चालक अथवा संबंधित गोदाम के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

दो गोदामों से 132 बोरी चावल जब्त

कार्रवाई में चेलक की गोदाम से 60 बोरी और त्रिवेदी किराना स्टोर की गोदाम से 72 बोरी चावल जब्त किया गया था। इस तरह दोनों स्थानों से कुल 132 बोरी चावल कार्रवाई के दायरे में आया। विभाग ने नियमानुसार सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में चेलक की गोदाम से मिले चावल को पीडीएस बताए जाने के बाद मामला गंभीर हो गया है। वहीं त्रिवेदी की गोदाम से जब्त चावल को खंडा बताए जाने से कार्रवाई के आधार और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दोबारा जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और चावल के सैंपल की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब कार्रवाई संदिग्ध पीडीएस चावल के आधार पर की गई थी, तो जांच की पूरी प्रक्रिया और दोनों सैंपलों के परिणाम सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किए जाने चाहिए। वहीं, मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों की जांच किस प्रक्रिया और निर्धारित मानकों के आधार पर की गई। यदि एक गोदाम का चावल पीडीएस और दूसरे का खंडा पाया गया है, तो दोनों नमूनों के परीक्षण की रिपोर्ट और उनके आधार की जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

Updated on:
04 Oct 2026 03:52 pm
Published on:
04 Oct 2026 03:51 pm