कर्मियों को रेलवे ट्रैक से बहुत मुश्किल से बाइक को पार करके जाना पड़ता है। यहां दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-2 में कनवेयर गैलरी के मिलने वाला जंक्शन हाउस-17 को १९८२ में बनाया गया था। 36 साल में अपने कर्मियों के लिए बीएसपी यहां 500 मीटर एक सड़क तक नहीं बनवा सकी है। जिसकी वजह से कर्मियों को रेलवे ट्रैक से बहुत मुश्किल से बाइक को पार करके जाना पड़ता है। यहां दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
स्थानीय कर्मियों ने संवाद कार्यक्रम के दौरान एसपी-2 पहुंचे इंटक के पदाधिकारियों को मौका ले जाकर दिखाया, ताकि वे इसका अहसास खुद कर सकें। कर्मियों ने कहा कि कम से कम रेल पटरी क्रासिंग वाली जगह पर रेल पटरी को सपोर्ट देते हुए एक और पटरी लगा दी जाए, ताकि बाइक वालों के फिसलने की समस्या दूर हो सके।
कर्मियों की कमी से बढ़ रहा काम का दबाव
भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटर प्लांट-2 में कर्मियों की कमी है।इस बात को इंटक के पदाधिकारियों से साझा किया।एसपी-2 के कर्मियों ने बताया कि काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। जिससे कर्मचारी तनाव में काम करते हैं। जिसका असर कर्मियों के हेल्थपर पड़ रहा है।
बेहतर पदनाम मांगा
एसपी-2 में ओसीटी कर्मियों ने जूनियर इंजीनियर व एसीटी ने टेक्नीशियन व ऑपरेटर पदनाम देने की मांग की। कर्मियों ने इंटक नेताओं से जल्द वेज रिवीजन कराने की मांग करते हुए कहा कि इंटक ने जो सुविधा शुरू करवाई थी, वह बंद हो गई है। एक यूनियन को दो बार मौका दिए, लेकिन सुविधाएं बहाल होने के बजाय और कम हो रही है।
दिया आश्वासन
कर्मियों ने छुट्टी के नकदीकरण को जल्द शुरू करवाने।इंसेंटिव स्कीम का रिवीजन कराने मांग की। कर्मियों ने बंद हो चुकी रिटेंशन स्कीम को पुन: शुरू करने मांग की। वहीं टारफेल्टिंग के काम को धीमा किए जाने की शिकायत की।
इस मौके पर इंटक महासचिव एसके बघेल ने कहा कि रिटेंशन स्कीम जल्द शुरू करने के लिए इंटक प्रबंधन से लगातार मांग की जा रही है। सेल की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, उम्मीद है जल्द वेज रिवीजन की बैठक शुरू हो जाएगी।
उन्होंने सभी मुद्दों पर प्रबंधन से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया। इस मौके पर एनएस बंछोर, जयपाल सिंह सेंगर, व्हीके मजूमदार, पीके विश्वास, गंगाराम चौबे, चंद्रशेखर सिंह, संजय साहू, सुनील खरवार, एके विश्वास, चंद्रप्रकाश सूर्यवंशी, रेशम राठौर मौजूद थे।