भिलाई

बीएसपी स्क्रैप चोरी कांड में बड़े नामों का खुलासा, राजनीतिक संरक्षण की तलाश में संदेही, जल्द हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

BSP Scrap Scam: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से 250 टन स्क्रैप चोरी मामले की जांच में बड़े नामों के सामने आने के बाद सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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Jun 24, 2026
BSP Scrap Theft News
बीएसपी स्क्रैप चोरी कांड (फोटो सोर्स- AI)

BSP Scrap Theft Case: भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे पूरे सिंडिकेट से जुड़े लोगों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई नाम सामने आने के बाद कार्रवाई की आशंका से जुड़े लोग बचाव के रास्ते तलाश रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच की आंच अपने तक पहुंचने की भनक लगते ही आधा दर्जन से अधिक संदेही एक माननीय की शरण में पहुंच गए और मदद की गुहार लगाई। भिलाई-3 थाना पुलिस ने 26 मई को ग्राम अकलोरडीह में छापेमारी कर बीएसपी का करीब 250 टन लौह स्क्रैप, फ्लू डस्ट, भारी वाहन, बैकहोलोडर और अन्य मशीनरी सहित लगभग 3.22 करोड़ रुपए की सामग्री जब्त की थी।

मामले में पहले स्थानीय स्तर पर जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई, इसके बाद सिंडिकेट के कथित सरगना संजय सिंह को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया । वहीं स्क्रैप की नापतौल, बिक्री की तैयारी में शामिल आकाश सिंह को भी पुलिस ने दबोचा।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

मामले में हिमांशु खंडेलवाल, गिरीश खंडेलवाल, सलीम और 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अभय सिंह सहित अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पूरे सिंडिकेट तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।

प्लांट के भीतर बना रखा था संचालन केंद्र

जांच में यह भी सामने आया है कि स्क्रैप चोरी से जुड़ा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। फ्लू डस्ट परिवहन के नाम पर बीएसपी प्लांट के भीतर ही एक कार्यालय संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने वहां से वीडियो और फोटोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए हैं। सूत्रों के मुताबिक इस कार्यालय के संचालन में कुछ हिस्ट्रीशीटरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

BSP Scrap Theft Case: जांच के बाद करेंगे आगे की कार्रवाई

पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अब उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। सिंडिकेट से जुड़े अन्य

लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई होगी। - मणिशंकर चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

Published on:
24 Jun 2026 04:22 pm