
BSP Scrap Theft: भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चोरी का स्क्रैप खरीदकर खपाने के आरोप में रसमड़ा स्थित रायपुर इस्पात कंपनी के मालिक विनोद गर्ग और डायरेक्टर संदीप सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों को कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में ट्रांसपोर्टर आरोपी संजय सिंह बीएसपी से चोरी किए गए लौह स्क्रैप को ग्राम अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स के गोदाम में डंप करता था। इसके बाद इसी स्क्रैप को रसमड़ा स्थित रायपुर इस्पात कंपनी में पहुंचाकर खपाया जाता था। जांच के दौरान पुलिस को चोरी के स्क्रैप की खरीद-बिक्री और उसके कंपनी तक पहुंचने से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का दावा है कि चोरी के स्क्रैप से भरी गाड़ी के कंपनी परिसर में पहुंचने से लेकर उसे अनलोड किए जाने तक का वीडियो भी जांच में उपलब्ध हुआ है।
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आई जानकारी के आधार पर रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार (39) को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के निवासी हैं, जबकि संदीप कुमार दुर्ग के स्मृति नगर क्षेत्र के निवासी हैं।
बीएसपी से बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप चोरी कर उसे गोदाम से निजी कंपनी तक पहुंचाकर खपाने के इस मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस मामले में चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में कथित लौह स्क्रैप चोरी और उससे हुए नुकसान के मामले में प्रबंधन ने प्रारंभिक कार्रवाई की थी। आंतरिक विजिलेंस जांच के आधार पर एसएमएस-3 विभाग में पदस्थ तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
निलंबित कर्मचारियों में जीएम हिमांशु भूषण मालिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव धनंजय वर्मा और मनोज कुमार देवांगन शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। प्रबंधन का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे भी आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।