
CG News: छत्तीसगढ़ में धान कटाई के बाद जलाए जाने वाले पैरा से अब आय का नया जरिया तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) के रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप विभाग ने ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मशरूम उत्पादन की पहल की है।
इस योजना के तहत विवि गांवों से पैरा खरीदेगा और कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को पैरा जलाने से मुक्ति मिलेगी, वहीं यह उनके लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बनेगा। सीएसवीटीयू फोर्टे के स्टार्टअप द्वारा विशेष किट तैयार की जा रही है, जिससे मशरूम उत्पादन आसान और तेज होगा।
प्रोजेक्ट के तहत जल्द ही गांवों में सर्वे कर पात्र किसानों और महिलाओं का चयन किया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षण और उत्पादन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
योजना में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्हें मशरूम उत्पादन के लिए मुफ्त किट, बीज और प्रशिक्षण दिया जाएगा। घर पर ही 10 गुणा 10 फीट स्थान में उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। तैयार मशरूम को विश्वविद्यालय द्वारा खरीदा जाएगा, साथ ही बचे अवशेष से खाद बनाकर उसका भी भुगतान किया जाएगा।
सीएसवीटीयू युवाओं और महिलाओं को ग्रामीण उद्यमिता से जोडऩे के लिए यह पहल कर रहा है। स्टार्टअप को फंडिंग और तकनीकी सहयोग भी दिया जाएगा। - डॉ. आरएन पटेल डायरेक्टर, सीएसवीटीयू फोर्टे
2. सीएसवीटीयू में इस सत्र से माइनर डिग्री की शुरुआत, इन छात्रों को मिलेगा डबल स्किल का मौका- अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई केवल एक ही विषय तक सीमित नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के तहत कंप्यूटर साइंस का विद्यार्थी मैनेजमेंट पढ़ सकेगा, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स का छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सिविल इंजीनियरिंग का विद्यार्थी डाटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों में भी दक्षता हासिल कर सकेगा। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने इस सत्र से माइनर डिग्री शुरू करने का निर्णय लिया है, जिस पर आगामी कार्यपरिषद की बैठक में अंतिम मुहर लगने की संभावना है… पूरी खबर पढ़ें