CG Tax News: भिलाई नगर निगम प्रदेश का एकमात्र निगम है, जहां समय पर शुल्क जमा न करने वालों से 18 फीसदी अधिभार लिया जाता है।
CG Tax News: छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में नगर की जनता भारी भरकम टैक्स अधिभार और शास्ति शुल्क से आजादी चाहती है। भिलाई नगर निगम प्रदेश का एकमात्र निगम है, जहां समय पर शुल्क जमा न करने वालों से 18 फीसदी अधिभार लिया जाता है। इसी तरह संपत्तिकर के साथ स्वविवरण नहीं जमा करने पर प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा 1,000 रुपए शास्ति शुल्क (दंड शुल्क) लिया जा रहा है।
शहर के अलग-अलग वर्ग के लोगों से बातचीत करने पर यह बात सामने आई कि ट्रैक्स अधिभार को कम किया जाना चाहिए। लोग ट्रैक्स देने के लिए तैयार हैं। वे यह भी जानते हैं कि ट्रैक्स देना जरूरी है, तभी निगम से उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिलेगी। लेकिन भरकम अधिभार और शास्ति शुल्क को अनुचित मानते हैं। उनका कहना है कि यह खत्म होना चाहिए।
लोगों ने कहा ट्रैक्स अधिभार को कम किया जाना जरुरी
जनता पर ज्यादा बोझ
निगम आय के स्रोत अनुमानित आय 2024-25 (लाख में)
विधि के आदेशों से प्राप्त आय 3,791.31
सपत्ति से आय 6,081.00
कर से आय 5,680.20
शुल्क से आय 2,551.54
अर्थदंड 245.00
समझौता शुल्क 221.53
शासकीय अनुदान 39,146.11
ब्याज 430.00
अन्य प्राप्तियां 1,19.32
शासन से तय गाइड लाइन के मुताबिक स्व-विवरण जमा नहीं करने पर 1000 रु. और विलंब से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पर 18 फीसदी अधिभार लिया जा रहा है। वक्त से पहले संपत्तिकर जमा करने पर छूट भी दिया जाता है।नीरज पालमहापौर, नगर निगम, भिलाई
नगर निगम आयुक्त से विपक्ष ने भी मांग की है कि शास्ति शुल्क लेना बंद किया जाए। प्रदेश के दूसरे निकायों में इस तरह से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। वहीं महापौर का दावा है कि शासन से तय गाइड लाइन के मुताबिक ही शास्ति शुल्क लिया जा रहा है। जबिक लोगों का कहना है कि निगम एक स्वायत्तशासी संस्था है। हर काम शासन के निर्देश और गाइड लाइन के अनुसार ही किया जाना है तो इस स्वायत्तशासी संस्था का क्या मतलब है।
नगर निगम, भिलाई के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय से पत्र लिखकर कहा है कि नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 138 उपधारा (2-क) के तहत 2016 से 1,000 रुपए शास्ति शुल्क प्रतिवर्ष करदाताओं से लिया जा रहा है। इसके साथ ही 18 फीसदी अधिभार भी रोपित किया जाता है, जिससे करदाताओं को अत्यन्त आर्थिक हानि होती है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के भिलाई और दुर्ग को छोड़ किसी भी अन्य निकायों में शास्ति शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसी तरह से अधिभार के नाम पर भी भिलाई में 18 फीसदी वसूला जा रहा है। दूसरे निकायों में इससे कम लिया जा रहा है।
नगर निगम, भिलाई में जो लोग खुद निगम के भीतर आकर कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर रहे हैं, उसका कमीशन भी निजी एजेंसी को 7 फीसदी तक दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि मुयालय के भीतर मौजूद दतर से निजी एजेंसी को बाहर किया जाए, तो उसकी प्रॉपर्टी टैक्स वसूली घट जाएगी। दुर्ग निगम अपने कर्मचारियों से टैक्स वसूल करवा रहा है और एजेंसी से अधिक वसूली हो रही है।