भिलाई

Youth Death in Kawad Yatra: बाबा धाम यात्रा में छत्तीसगढ़ के कांवड़िए की मौत, देवघर जाते समय सीने में उठा तेज दर्द

Death in Kawad Yatra::बाबा धाम यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के 31 वर्षीय कांवड़िए की मौत हो गई। सुल्तानगंज से देवघर जाते समय सीने में तेज दर्द उठा, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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Updated: 12 Aug 2026, 6:51 PM IST
Youth Death in Kawad Yatra
देवघर बाबा धाम (photoAi image)

Death of a Kanwariya: सावन माह में झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में गंगाजल चढ़ाने के लिए दुर्ग से निकली कांवड़ यात्रा के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। दुर्ग के गया नगर वार्ड क्रमांक 4 निवासी 31 वर्षीय मणी चंद्राकर की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

35 कांवड़ियों की टोली के साथ बाबा धाम यात्रा

मणी चंद्राकर करीब 35 कांवड़ियों की टोली के साथ बाबा धाम यात्रा पर निकले थे। टोली ने दुर्ग से निकलकर एक हजार किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया और बिहार के सुल्तानगंज पहुंची थी। यहां गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के बाद सभी कांवड़िए पैदल यात्रा करते हुए देवघर के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान मणी की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

10 अगस्त की शाम शुरू की थी पैदल कांवड़ यात्रा

सुल्तानगंज में धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद 10 अगस्त की शाम कांवड़ियों ने पैदल देवघर की ओर प्रस्थान किया। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु गंगाजल लेकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। मणी भी अपने साथियों के साथ इसी धार्मिक यात्रा पर आगे बढ़ रहे थे। 11 अगस्त को सुल्तानगंज से करीब 27 किलोमीटर दूर मनिया मोड़ के पास पैदल चलते समय अचानक मणी के सीने में तेज दर्द उठा। साथी कांवड़ियों ने उनकी हालत बिगड़ते देख तत्काल यात्रा रोक दी।

अचानक थम गई बाबा धाम की यात्रा

मणी की मौत की खबर से उनके साथ यात्रा कर रहे सभी कांवड़िए स्तब्ध रह गए। धार्मिक उत्साह के साथ शुरू हुई यात्रा अचानक मातम में बदल गई। घटना के बाद कांवड़िया टोली ने बाबा धाम की यात्रा स्थगित करने और दुर्ग लौटने का फैसला लिया। मणी का पार्थिव शरीर एंबुलेंस के माध्यम से दुर्ग लाया जा रहा है। उनके निधन की सूचना परिवार और मोहल्ले के लोगों को मिलते ही बड़ी संख्या में लोग शोकाकुल परिवार के घर पहुंचने लगे।

गुरुवार सुबह होगा अंतिम संस्कार

परिजनों के अनुसार मणी चंद्राकर का पार्थिव शरीर दुर्ग पहुंचने के बाद गुरुवार सुबह हरनाबांधा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा। मणी के अचानक निधन से परिवार में गहरा दुख है। बाबा धाम की यात्रा पर निकले परिवार के सदस्य की इस तरह अचानक मौत की खबर से परिजन और परिचित सदमे में हैं।Death of a Kanwariya: सावन माह में झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में गंगाजल चढ़ाने के लिए दुर्ग से निकली कांवड़ यात्रा के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। दुर्ग के गया नगर वार्ड क्रमांक 4 निवासी 31 वर्षीय मणी चंद्राकर की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

Updated on:
12 Aug 2026, 6:51 PM IST
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