
Cash seized in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से करीब 4 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की है। वाहन के अंदर बनाए गए गुप्त चेंबर में नोटों के बंडल छिपाकर रखे गए थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने चरोदा के पास वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में नकदी मिली। पुलिस ने वाहन चालक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। इतनी बड़ी रकम कहां से लाई गई थी और इसे किसे पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है। मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, उसे सूचना मिली थी कि रायपुर के अभनपुर से बड़ी मात्रा में नकदी एक पिकअप वाहन में लोड कर उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही है। रकम को नागपुर के रास्ते ले जाने की जानकारी भी सामने आई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय हुई और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की गई।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुम्हारी टोल प्लाजा के पास निगरानी शुरू की। इस दौरान बताए गए हुलिए का संदिग्ध पिकअप वाहन नजर आया। पुलिस ने वाहन का पीछा करना शुरू किया। इसी दौरान एक व्यक्ति वाहन से उतरकर भाग निकला। हालांकि, पुलिस टीम ने पीछा जारी रखा और चरोदा के पास पिकअप को रोकने में सफलता हासिल की। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। शुरुआती जांच में सामान्य हिस्सों में नकदी नहीं मिलने पर पुलिस ने वाहन के अंदर बने गुप्त चेंबर की जांच की। इसी चेंबर से नोटों के बंडल बरामद हुए। वाहन में इस तरह नकदी छिपाकर ले जाने की व्यवस्था देखकर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू कर दी।
पिकअप से बरामद नोटों की गिनती मशीन के जरिए की गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नकदी की कुल राशि करीब 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने वाहन चालक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम किसकी है, इसे कहां से जुटाया गया और उत्तर प्रदेश में किसे सौंपा जाना था।
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी को वाहन के गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने के मामले में हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस रकम के स्रोत, परिवहन से जुड़े लोगों और संभावित लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है। मामले में आयकर विभाग को सूचना दे दी गई है, ताकि नकदी के संबंध में जरूरी वित्तीय जांच की जा सके। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और रकम से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।