भिलाई

ट्रैफिक नियम तोड़े तो मोबाइल में कैद होगी तस्वीर, मौके पर कटेगा ई-चालान, दुर्ग पुलिस ने बदला कार्रवाई का तरीका

Traffic Rules: ट्रैफिक पुलिस ने नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है। अब मोबाइल ऐप से यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की तस्वीर लेकर ई-चालान जारी किया जाएगा।
2 min read
• •
Updated: 27 Oct 2026, 5:58 PM IST
Durg Traffic Police
ट्रैफिक पुलिस की नई तकनीक (Photo Patrika)

Durg Traffic Police: सडक़ों पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाकर भाग निकलने वाले लापरवाह वाहन चालकों पर अब सीधे मोबाइल के जरिए शिकंजा कसा जाएगा। दुर्ग ट्रैफिक पुलिस ने चालानी कार्रवाई को पारदर्शी, त्वरित और सुगम बनाने के लिए अत्याधुनिक डिजिटल व्यवस्था लागू की है। अब जवानों और अधिकारियों को भारी-भरकम ई-चालान (पीओएस) मशीन का बॉक्स लेकर चौराहों पर खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से स्वीकृत 'ई-चालान मोबाइल ऐप' के जरिए पुलिसकर्मी अपने स्मार्टफोन से ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन की तस्वीर खींचकर मौके पर डिजिटल चालान जारी करेंगे।

चकमा देकर भागने वालों को भी नहीं मिलेगी राहत

दुर्ग ट्रैफिक डीएसपी विशाल सोम के अनुसार जागरूकता अभियानों के बावजूद कई चालक पुलिस को देखकर वाहन मोड़ लेते हैं या तेज रफ्तार से निकल भागते हैं। अब नई व्यवस्था में वाहन चालक के मौके से भाग जाने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा; कैमरे में दर्ज नंबर और फोटो के आधार पर सीधा ई-चालान वाहन स्वामी के पंजीकृत पते व मोबाइल नंबर पर प्रेषित हो जाएगा। इससे मौके पर होने वाले विवाद और बहानेबाजी पर पूरी तरह विराम लगेगा।

नौ महीने में 1.02 लाख चालान

दुर्ग ट्रैफिक पुलिस ने इस वर्ष 1 जनवरी से 30 सितंबर तक नियमों की अनदेखी करने वाले 1 लाख 2 हजार 162 वाहन चालकों पर ई-चालान की सख्त कार्रवाई की है। इस अवधि में कुल 9 करोड़ 13 लाख 91 हजार 600 रुपए का चालान जारी किया गया। अब
मोबाइल आधारित त्वरित तकनीक मिलने के बाद सडक़ पर निगरानी का दायरा और बढ़ेगा।

अफसरों के मोबाइल में सक्रिय हुआ अधिकृत ऐप

विभाग ने व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी ट्रैफिक थानों में पदस्थ एएसआई से लेकर टीआई स्तर तक के अधिकारियों के हैंडसेट में यह विशेष ऐप इंस्टॉल करा दिया है। चौराहे या जांच प्वाइंट पर बिना हेलमेट, तीन सवारी, सिग्नल जंप या खतरनाक ड्राइविंग करते पकड़े जाने पर पुलिसकर्मी सीधे मोबाइल कैमरे से गाड़ी के नंबर और उल्लंघन का साक्ष्य कैद करेंगे। वाहन का विवरण और उल्लंघन की धारा दर्ज होते ही सिस्टम से चालान स्वत: जनरेट हो जाएगा।

ट्रैफिक पुलिस के सभी संबंधित अधिकारियों के सीयूजी व व्यक्तिगत मोबाइल में एनआईसी का ई-चालान ऐप इंस्टॉल करा दिया गया है। पहले भारी डिवाइस और प्रिंटर मशीन संभालने में काफी असुविधा होती थी। अब स्मार्टफोन से सीधे फोटो खींचकर चालान बनेगा, जिससे पुलिस का समय बचेगा और चेकिंग अभियान में तेजी आएगी।

  • कौशलेन्द्र पटेल, एएसपी (ट्रैफिक)
Updated on:
27 Oct 2026, 5:58 PM IST
Published on: