
Chhattisgarh News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर उन्हें कुलसचिव के पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। उनकी जगह शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय, दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया गया है।
भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ अलग-अलग मामलों को लेकर आरोप सामने आए हैं। इनमें दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर राशि लिए जाने, शासकीय कार की मरम्मत के नाम पर विश्वविद्यालय की राशि के कथित दुरुपयोग और पीएचडी की डिग्री गलत तरीके से हासिल करने के आरोप शामिल हैं।
महिला कर्मचारी के वेतन से कथित तौर पर राशि लिए जाने के मामले में 3 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में BNS की धारा 316(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। विश्वविद्यालय में शिकायत मिलने के बाद गठित तथ्य-संग्रह समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई की गई थी।
आरोप है कि विश्वविद्यालय में काम करने वाली दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन की राशि में से कुछ हिस्सा उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर कराया गया। इसी मामले में भूपेंद्र कुलदीप की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि, गिरफ्तारी के दिन ही उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
एफआईआर के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने 29 अगस्त को कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप के वित्तीय अधिकार वापस लेने का निर्णय लिया था। इसके तहत भुगतान संबंधी दस्तावेजों और बैंकिंग लेन-देन में वित्त अधिकारी के साथ दूसरे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के तौर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. नीलू श्रीवास्तव को जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके बाद कुलसचिव के हस्ताक्षर से वित्तीय लेन-देन नहीं करने की व्यवस्था की गई। कार्यपरिषद ने इस फैसले के पीछे विश्वविद्यालय के वित्तीय हित, प्रशासनिक निष्पक्षता और कामकाज की निरंतरता को ध्यान में रखने की बात कही थी। इसी दौरान विश्वविद्यालय के पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेन-देन के ऑडिट की मांग भी सामने आई थी।
भूपेंद्र कुलदीप पर शासकीय कार की मरम्मत से जुड़े फर्जी बिल प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय के परीक्षा मद से करीब 24 हजार रुपये के कथित दुरुपयोग का आरोप भी है। आरोप है कि वाहन की मरम्मत के लिए बीमा दावा किए बिना विश्वविद्यालय की राशि से भुगतान किया गया। इस मामले की जांच के लिए आयुक्त, उच्च शिक्षा की ओर से दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि किए जाने का उल्लेख किया है।
भूपेंद्र कुलदीप पर गलत तरीके से पीएचडी की डिग्री हासिल करने का आरोप भी लगा है। इस प्रकरण की जांच निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की ओर से की गई है।
इन विवादों के बीच उच्च शिक्षा विभाग ने अब भूपेंद्र कुलदीप को कुलसचिव पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर में पदस्थ किया है। वहीं, शासकीय वी. वाई. टी. महाविद्यालय, दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया गया है।