
Woman Death Case Managata: भिलाई निवासी युवती की मनगटा स्थित एक रिसॉर्ट में संदिग्ध मौत के बाद पूरे क्षेत्र में संचालित रिसॉर्ट कारोबार सवालों के घेरे में आ गया है। वन चेतना केंद्र और प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए गए मनगटा क्षेत्र में अब 200 से अधिक रिसॉर्ट संचालित हो रहे हैं, जहां नियमों की अनदेखी और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया है कि अधिकांश रिसॉर्ट में ठहरने वालों की पहचान की समुचित जांच नहीं होती। कई जगह रजिस्टर में नाम दर्ज किए बिना कमरे उपलब्ध करा दिए जाते हैं। आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेजों की जांच भी औपचारिकता बनकर रह गई है। ऐसे में यह इलाका देर रात पार्टियों, नशाखोरी और संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान दुर्ग-भिलाई और रायपुर से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां यहां पहुंचते हैं। जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे होने के कारण अधिकांश रिसॉर्ट मुख्य मार्गों से दूर हैं, जिससे गतिविधियों पर निगरानी मुश्किल हो जाती है।
पुलिस की ओर से लगातार जांच और दबिश की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि कुछ रिसॉर्ट संचालक मुनाफे के लिए हर तरह के ग्राहकों को बिना सत्यापन कमरा उपलब्ध करा रहे हैं।
हाल ही में एसडीएम ने रिसॉर्ट संचालकों को जमीन डायवर्सन, फूड लाइसेंस और संचालन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने नोटिस जारी किए थे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अधिकांश संचालकों ने अब तक संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। इससे कई रिसॉर्ट के वैधानिक संचालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मनगटा के एक रिसॉर्ट में भिलाई निवासी मुस्कान तिवारी मृत मिली थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। घटना के समय मौजूद युवक-युवतियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि समूह देर रात पार्टी के बाद रिसॉर्ट पहुंचा था।
राजनांदगांव एसडीएम गौतमचंद्र पाटिल ने कहा रिसॉर्ट संचालकों को नोटिस जारी किया गया था पर जवाब सामने नहीं आया है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।