भिलाई

BSP स्क्रैप चोरी मामले में नया मोड़, MD विनोद कुमार गर्ग को कोर्ट से मिली जमानत, जानें क्या है पूरा मामला

Vinod Kumar Garg Bail: BSP स्क्रैप चोरी मामले में रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
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Sep 25, 2026
250 Ton Iron Scrap
कंपनी मालिक और डायरेक्टर गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

BSP Scrap Theft Case: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले में गिरफ्तार रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) विनोद कुमार गर्ग को कोर्ट से जमानत मिल गई है। पुलिस ने उन्हें चोरी के स्क्रैप को रसमड़ा स्थित कंपनी में खपाए जाने के मामले में 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था।

विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के निवासी बताए गए हैं। इस मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, इससे पहले BSP के GM-AGM समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल जांच एजेंसी चोरी किए गए स्क्रैप की खरीद-फरोख्त और उसे कंपनी तक पहुंचाने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

गोदाम में डंप होता था चोरी का स्क्रैप

पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोपी ट्रांसपोर्टर संजय सिंह BSP से चोरी किए गए लौह स्क्रैप को ग्राम अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स के गोदाम में डंप करता था। इसके बाद इसी स्क्रैप को रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड की कंपनी में पहुंचाकर खपाए जाने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस को स्क्रैप की खरीद-बिक्री और उसके कंपनी परिसर तक पहुंचने से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। पुलिस का दावा है कि चोरी के स्क्रैप से लदी गाड़ी के कंपनी परिसर में पहुंचने से लेकर स्क्रैप को अनलोड किए जाने तक का वीडियो भी जांच में सामने आया है।

26 मई को हुआ था मामले का खुलासा

पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्स के गोदाम और हथखोज के प्लॉट नंबर-18 पर छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान कई हाईवा, ट्रक और अन्य वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री मिली थी।

पुलिस ने मौके से करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था। इसके अलावा स्क्रैप की ढुलाई और लोडिंग में इस्तेमाल किए जा रहे कई वाहन, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनें भी जब्त की गई थीं। जब्त स्क्रैप, वाहनों और मशीनरी की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपए आंकी गई थी। इसमें लगभग 90 लाख रुपए का लौह स्क्रैप शामिल बताया गया था।

फ्लाई ऐश की आड़ में लोहा बाहर निकालने का आरोप

जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया था कि फ्लाई ऐश की आड़ में लौह सामग्री को प्लांट से बाहर निकाला जाता था। BSP में सुरक्षा के लिए CISF जवान तैनात हैं और परिसर में CCTV कैमरों की निगरानी भी रहती है। ऐसे में पुलिस ने मामले में संभावित अंदरूनी मिलीभगत की आशंका के एंगल से भी जांच की। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच में सामने आए तथ्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Updated on:
25 Sept 2026 06:52 pm
Published on:
25 Sept 2026 05:47 pm