
Girls College: दुर्ग का शासकीय कन्या महाविद्यालय जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। राज्य सरकार ने कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए लगभग तीन करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित है। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज से आवश्यकताओं का प्रस्ताव मांगा था, जिसे महाविद्यालय प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद नए शैक्षणिक सत्र से विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद है। योजना के तहत कॉलेज में विज्ञान एवं कम्प्यूटर शिक्षा को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
छात्राओं के लिए अत्याधुनिक कम्प्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री प्रयोगशालाओं में नए उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे छात्राओं को व्यावहारिक शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी।
क्लासरूम स्मार्ट बनाए जाएंगे, जहां डिजिटल स्क्रीन, प्रोजेक्टर और अन्य आधुनिक शिक्षण साधनों के माध्यम से पढ़ाई होगी।
संस्थान में आधुनिक डिजिटल लर्निंग सेंटर और ई-लाइब्रेरी विकसित की जाएगी। इससे छात्राओं को ई-बुक्स, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, शोध पत्रों और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक सहज पहुंच मिल सकेगी। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए परिसर में हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थी नवीनतम ज्ञान व तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकें।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत कौशल विकास कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। छात्राओं को कंप्यूटर, आईटी और डिजिटल स्किल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही करियर काउंसिलिंग, प्लेसमेंट मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कॉलेज परिसर में खेल मैदान और अन्य खेल सुविधाओं के विस्तार का भी प्रस्ताव भेजा गया है।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाएंगे। उनका कहना है कि इन सुविधाओं से छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का भी लाभ मिलेगा। इस योजना के लागू होने के बाद दुर्ग कन्या महाविद्यालय को एक आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त शैक्षणिक संस्थान के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।