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Durg University News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरफ्तार, 1.49 लाख रुपये गबन का आरोप

Hemchand Yadav Vishwavidyalaya: दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप को महिला कर्मचारी के वेतन से 1.49 लाख रुपये के कथित गबन के मामले में मोहन नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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Aug 03, 2026
Durg University News
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरफ्तार (photo Patrika)

Hemchand Yadav University: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को महिला कर्मचारी के वेतन से कथित गबन के मामले में मोहन नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विश्वविद्यालय में कार्यरत एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से करीब 1.49 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट और बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेजों में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी कुलसचिव को गिरफ्तार कर लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।

वेतन से हर महीने कटती रही राशि

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़ित महिला कर्मचारी का मासिक वेतन 11,515 रुपये था। आरोप है कि कुलसचिव ने अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके वेतन का बड़ा हिस्सा नियमित रूप से PhonePe और Paytm जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों से अपने एक परिचित के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाते रहे। यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा, जिससे कुल मिलाकर 1.49 लाख रुपये की कथित हेराफेरी होने का आरोप है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

महिला कर्मचारी की शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की आंतरिक जांच कराई। जांच के दौरान बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

मोहन नगर पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए गए दस्तावेजों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि कथित गबन में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। जिस बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की गई, उसके संबंध में भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डिजिटल ट्रांजेक्शन बने अहम साक्ष्य

जांच एजेंसियों के लिए इस मामले में PhonePe और Paytm के माध्यम से हुए डिजिटल भुगतान महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Updated on:
03 Aug 2026 07:11 pm
Published on:
03 Aug 2026 07:11 pm