
Durg teacher salary case: बिना काम 14 महीने तक मिलता रहा वेतन, गड़बड़ी सामने आई तो बाबुओं पर फोड़ा ठीकराTeacher salary case: दुर्ग जिला शिक्षा विभाग में स्थानांतरित शिक्षक को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण किए बिना वेतन जारी होने का मामला सामने आया है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तितुरडीह के शिक्षक देवेंद्र राय का सात जून 2025 को कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित कोदवागोदान स्कूल में तबादला हुआ था। उन्हें 10 जून को पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त भी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद जुलाई 2026 तक दुर्ग बीईओ कार्यालय से वेतन जारी होता रहा। मामला उजागर होने पर अधिकारियों ने अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ते हुए त्रुटिपूर्ण नोटशीट और उपस्थिति पत्रक के लिए अधीनस्थ कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
डीईओ के कारण बताओ नोटिस के जवाब में बीईओ ने कहा कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में पदभार ग्रहण किया था और पूर्व अधिकारी ने प्रभार सौंपते समय इसकी लिखित जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने 247 स्कूलों और 1436 कर्मचारियों का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी के उपस्थिति पत्रक की व्यक्तिगत जांच संभव नहीं है। उनके अनुसार, गलत नोटशीट और उपस्थिति पत्रक प्रस्तुत करने के लिए तत्कालीन स्थापना प्रभारी सहायक ग्रेड-3 और वित्त प्रभारी सहायक ग्रेड-2 जिम्मेदार हैं। इस जवाब ने विभाग में वेतन आहरण की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
7 जून 2025: संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग ने शिक्षक देवेंद्र राय का पंडरिया (कबीरधाम) तबादला किया।
10 जून 2025: शिक्षक को तितुरडीह स्कूल और दुर्ग विकासखंड से विधिवत कार्यमुक्त किया गया।
जुलाई 2026 तक: नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने के बावजूद दुर्ग बीईओ कार्यालय से वेतन जारी होता रहा।
०5 अगस्त 2026: मामला सामने आने के बाद अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) कवर्धा भेजा गया।
नियमानुसार स्थानांतरण के बाद वेतन आहरण की प्रक्रिया के लिए अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) और सेवा पुस्तिका में आवश्यक प्रविष्टियां जरूरी हैं। इसके बावजूद संबंधित शिक्षक के मामले में ये प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हुईं। विभागीय विवरण के अनुसार, पांच अगस्त 2026 को मामला सामने आने के बाद एलपीसी कवर्धा भेजी गई।