भिलाई

दुर्ग-भिलाई में 4 हजार से ज्यादा बच्चे दोपहिया पर, बड़ी संख्या नाबालिगों की… हेलमेट के आंकड़े चौंकाएंगे

School Road Safety: दुर्ग-भिलाई में स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के दोपहिया वाहन चलाने को लेकर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कक्षा 10वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले करीब 30 हजार विद्यार्थियों में चार हजार से ज्यादा बच्चे बाइक या स्कूटर से स्कूल पहुंच रहे हैं।
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Sep 14, 2026
Chhattisgarh News
4 हजार से ज्यादा बच्चे दोपहिया पर (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Minor Students Driving: स्कूल ड्रेस, पीठ पर बैग और हाथ में बाइक की चाबी… दुर्ग-भिलाई की सड़कों पर सुबह और छुट्टी के समय यह नजारा आम हो गया है। दसवीं से बारहवीं तक पढ़ने वाले करीब 30 हजार विद्यार्थियों में चार हजार से ज्यादा बच्चे बाइक या स्कूटर से स्कूल पहुंच रहे हैं। यानी हर 100 में करीब 13 विद्यार्थी खुद दोपहिया चलाकर स्कूल आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों की है, जिनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है।

सड़क सुरक्षा को लेकर की गई पड़ताल में सबसे चिंताजनक स्थिति हेलमेट को लेकर सामने आई। दोपहिया से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों में महज 0.67 प्रतिशत ही हेलमेट पहने मिले। यानी 100 में एक विद्यार्थी भी नियमित रूप से हेलमेट लगाकर स्कूल नहीं पहुंच रहा है।

छुट्टी के समय बढ़ता है हादसे का खतरा

स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय एक साथ सैकड़ों बाइक सड़क पर उतरती हैं। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, अचानक कट मारना और बिना हेलमेट के दोपहिया चलाने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। दुर्घटना होने पर यातायात भी प्रभावित होता है और सड़क पर जाम की स्थिति बनती है।

कॉलेजों में भी नियमों की अनदेखी

कॉलेजों में दोपहिया से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या और अधिक है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थी लाइसेंस के बाद वाहन चला सकते हैं, लेकिन हेलमेट और यातायात नियमों के पालन की स्थिति यहां भी चिंताजनक है। कॉलेजों के आसपास बड़ी संख्या में बाइक-स्कूटर खड़े रहते हैं, लेकिन लाइसेंसधारी और बिना लाइसेंस वाहन चलाने वाले विद्यार्थियों की नियमित जांच की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।

गेट पर कौन करेगा जांच

अधिकांश स्कूल-कॉलेजों में गेट पर यह जांच नहीं होती कि दोपहिया लेकर आने वाला विद्यार्थी 18 वर्ष का है या नहीं, उसके पास लाइसेंस है या नहीं और उसने हेलमेट पहना है या नहीं। इधर पुलिस और यातायात विभाग की ओर से भी नियमित जांच नहीं होती। कभी-कभार अभियान जरूर चलाए जाते हैं, लेकिन उन्हें स्थायी व्यवस्था नहीं बनाया गया है।

आरटीओ ने दिए जांच के निर्देश

स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी स्कूल-महाविद्यालयों को पत्र जारी कर 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों को दोपहिया चलाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों को जागरूक करने और विशेष जांच अभियान चलाने के लिए भी कहा गया है। परिवहन विभाग ने नाबालिगों का वाहन चलाना मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना है।

मृत्युंजय पटेल, आरटीओ, दुर्ग के मुताबिक, 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों को दोपहिया चलाने की अनुमति नहीं है। स्कूल व कॉलेज प्रबंधन को ऐसे विद्यार्थियों को वाहन लेकर आने से रोकने और जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जागरूकता के लिए भी प्रयास किया जाएगा।

  • 30 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं से 12वीं तक दुर्ग-भिलाई के स्कूलों में पढ़ते हैं।
  • 04 हजार से ज्यादा विद्यार्थी दोपहिया से स्कूल पहुंच रहे हैं।
  • 13 फीसद यानी हर 100 में करीब 13 विद्यार्थी खुद बाइक या स्कूटर चलाकर स्कूल आते हैं।

प्रमुख चिंता

स्कूल-कॉलेज गेट पर उम्र, लाइसेंस और हेलमेट की नियमित जांच नहीं होती।

Updated on:
14 Sept 2026 03:07 pm
Published on:
14 Sept 2026 03:07 pm