भिलाई

कानून के रखवाले ही न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, क्या है मामला, पढ़े खबर

गांजा प्रकरण की सुनवाई में डीआईजी, सशस्त्र बल नेहा चंपावत से लेकर एसआई व आरक्षक की लापरवाही को न्यायालय ने गंभीरता से लिया है।
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Updated: 26 May 2018, 11:39 PM IST
Durg court
कानून के रखवाले ही न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, क्या है मामला, पढ़े खबर

दुर्ग . गांजा के साथ पकड़ाई वृद्ध महिला के प्रकरण की सुनवाई में डीआईजी, सशस्त्र बल नेहा चंपावत से लेकर एसआई नीलिमा तिर्की व आरक्षक आरती सिंह की लापरवाही को न्यायालय ने गंभीरता से लिया है। न्यायाधीश प्रवीण मिश्रा ने इस लापरवाही पर दुर्ग आईजी को सख्त लहजे में पत्र लिखा है। आईजी को न्यायालय ने निर्देश दिया है कि समंस तामील कराने के साथ ही गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाए।

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल सरगुजा में पदस्थ डीआईजी नेहा तब भिलाईनगर सीएसपी के प्रभार में थी

इस प्रकरण में नेहा चंपावत सहित महिला विवेचना अधिकारी नीलिमा तिर्की व आरक्षक आरती सिंह को उपस्थित होने न्यायालय कई बार संमंस जारी कर चुका है। इसके बाद भी तीनों गवाही देने उपस्थित नहीं हो रहे हैं। महिला आरक्षक ने तो एक बार समंस लेने से भी इनकार कर चुकी है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल सरगुजा में पदस्थ डीआईजी नेहा तब भिलाईनगर सीएसपी के प्रभार में थी।

एसआई और आरक्षक गैरहाजिर, आईजी को लिखा कार्रवाई करें

सुनवाई के दौरान ही शुक्रवार को आईपीएस नेहा चंपावत ने स्वंय को व्यस्त बताते हुए सुनवाई तिथि बढ़ाए जाने का अनुरोध करते हुए न्यायाधीश को पत्र प्रेषित किया है। वहीं एसआई नीलिमा तिर्की और आरक्षक आरती सिंह फिर गैरहाजिर रहीं।

यह है मामला
25 मई 2008 को 200 ग्राम जब्त किया था गांजा
भिलाईनगर कोतवाली क्षेत्र के अस्पताल सेक्टर निवासी सुलेखा (७० वर्ष) को पुलिस ने अवैध गांजा का कारोबार करने के आरोप में २५ मई २००८ को गिरफ्तार किया था। महिला के निवास स्थान से पुलिस ने २०० ग्राम गांजा जब्त किया था। साथ ही महिला के पास से ४५५ रुपए जब्त किए। पुलिस का आरोप ही कि नकद रकम अवैधा गांजा बिक्री के लिए हैं। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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