Old Pension Scheme : छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को लेकर सरकार ने अच्छे संकेत दिए हैं। सुशासन तिहार में मिले आवेदन पर मंत्री ने मुख्यमंत्री से चर्चा की बात कही..
Chhattisgarh Old Pension Scheme: लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना की मांग कर रहे प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। सुशासन तिहार के तहत आयोजित कैंप में कर्मचारियों ने अपनी बात सरकार तक पहुंचाई है। वहीं मामले में मंत्री गजेंद्र यादव ने चर्चा के संकेत दिए हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्ति सुरक्षा के मामले में उनके साथ भेदभाव, कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ नहीं मिलने समेत अन्य समस्याओं से अवगत कराया।
दुर्ग जिले के पुराना गंज मंडी में सुशासन तिहार के तहत शिविर आयोजित हुआ, जिसमें नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर खुलकर बात की। कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2022 से एनपीएस के स्थान पर ओपीएस बहाल कर दी गई है, लेकिन नगर निगम कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया कि वे शहर की स्वच्छता, राजस्व संग्रहण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं, इसके बावजूद सेवानिवृत्ति सुरक्षा के मामले में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना था कि अन्य शासकीय विभागों के कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ मिल रहा है, जबकि स्थानीय निकायों के कर्मचारी अब भी वंचित हैं।
कर्मचारी नेताओं ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत समान अधिकार देने और लंबित तकनीकी फाइलों को जल्द मंजूरी देने की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री से चर्चा करेंगे।
सुशासन तिहार के तहत जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र के ग्राम बेलौदी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों से जुड़े कुल 501 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 283 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शेष मामलों के समाधान की प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी किए जाने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया।
शिविर में नगपुरा, बोरई, खुरसुल, दमोदा, अंजोरा, ढाबा, भेंड़सर, डांडेसरा, पीपरछेड़ी, गनियारी, चिखली, कोटनी, मोहलई और बेलौदी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों में पहुंचकर आवेदन जमा किए। दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि एक ही स्थान पर सभी विभागों की व्यवस्था होने से ग्रामीणों को राहत मिल रही है और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो रहा है।
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई। वहीं मनरेगा के अंतर्गत 12 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए।