
छत्तीसगढ़ सरकार की नई गाइडलाइन जारी (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Govt Guidelines: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकारी खर्च में कटौती की अपील के छह दिन बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। वित्त विभाग के आदेश के तहत अब अफसरों के विदेश दौरों पर तत्काल रोक लगा दी गई है, जबकि विभागीय बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने, वाहन पूलिंग लागू करने और सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बनाने जैसे फैसले भी लिए गए हैं। नई व्यवस्था 30 सितंबर तक लागू रहेगी।
सरकार ने विभागीय बैठकों के तौर-तरीकों में भी बड़ा बदलाव किया है। नई गाइडलाइन के मुताबिक अब विभागीय समीक्षा बैठकें प्राथमिकता के आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएंगी, जबकि भौतिक बैठकों को यथासंभव महीने में सिर्फ एक बार तक सीमित रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा खर्च, ईंधन खपत और प्रशासनिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। वित्त विभाग ने कुल आठ बिंदुओं पर यह नई व्यवस्था लागू की है, जो 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसे सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और मितव्ययिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्य में सरकारी खर्च को लेकर बहस तेज हो गई थी। मीडिया रिपोर्टों में यह सामने आया था कि रायपुर और नवा रायपुर के बीच लगातार आवाजाही के कारण मंत्री और अफसर हर महीने बड़ी मात्रा में पेट्रोल खर्च कर रहे हैं। इसके बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया था। हालांकि, तब तक अफसरों के लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की गई थी।
Chhattisgarh Govt Guidelines: अब जारी नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, निगम-मंडलों और आयोगों के पदाधिकारियों के काफिलों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग होगा। इसके साथ ही राज्य के शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की योजना बनाई गई है, ताकि ईंधन खर्च कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर होने वाले खर्च को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे अनावश्यक वाहन उपयोग रोका जा सके। वहीं सभी सरकारी कार्यालयों में काम खत्म होने के बाद बिजली की बचत सुनिश्चित करने के लिए लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर अनिवार्य रूप से बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह पहल सिर्फ खर्च कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, तकनीक-आधारित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
Published on:
17 May 2026 12:05 pm
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