
खर्च में कटौती की पहल (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Politics: प्रधानमंत्री की अपील के बाद सीएम ने खर्च में कटौती की पहल शुरू कर दी है। उन्होंने पहले अपने कॉफिला में गाड़ी की संख्या कम की थी और शनिवार को सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में समीक्षा बैठक ली। यहां जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े। मौके पर तीनों जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ही मौजूद रहे।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में ही पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यों में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए थे। इसी के अनुरूप इस समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया।
बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल समीक्षा, डिजिटल मॉनीटरिंग और ऑनलाइन समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, ताकि समय और संसाधनों दोनों की बचत हो सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व मामलों के निराकरण तथा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।
वहीं बीते शनिवार को सुशासन तिहार के दौरान रायगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए, जिससे यात्रा खर्च और समय दोनों की बचत हुई। राज्य सरकार का मानना है कि तकनीक के बेहतर उपयोग से प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और किफायती बनाया जा सकता है। इस पहल को आने वाले समय में अन्य विभागों और जिलों में भी लागू किए जाने की संभावना है, ताकि सरकारी संसाधनों का उपयोग अधिक जिम्मेदारी और दक्षता के साथ किया जा सके।
Published on:
17 May 2026 11:20 am
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