भ्रष्टाचार की ‘नींव’: फीता काटने से पहले ही धंस गया था राजगढ स्कूल के बरामदे का फर्श भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ में शिक्षा विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की कलई उस वक्त खुल गई, जब भीलवाड़ा से जांच कमेटी मौके पर पहुंची। जांच टीम को […]
भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ ब्लॉक स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ में शिक्षा विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की कलई उस वक्त खुल गई, जब भीलवाड़ा से जांच कमेटी मौके पर पहुंची। जांच टीम को कई चौकाने वाले तथ्य देखने को मिले। सबसे बड़ी बात यह है कि 33 लाख का काम हो गया, लेकिन संविदा पर लगे कनिष्ठ अभियंता ने इस निर्माण का एक भी बार मौका तक नहीं देखा।
जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 33.43 लाख रुपए की लागत से बने इन दो कक्षों के निर्माण में ठेकेदार श्रीदेव बिल्डिंग मैटेरियल्स काछोला ने तकनीकी मापदंडों को ताक पर रख दिया। जांच में पाया गया कि बरामदे के फर्श के नीचे न तो सही से 'कॉम्पेक्शन' किया गया और न ही 'ड्राई स्टोन खरंजा' बिछाया गया। फर्श के नीचे सीमेंट कंक्रीट की परत भी नहीं बिछाई गई। इससे मामूली दबाव पड़ते ही फर्श जमीन में धंस गई।
जांच करने गई तीन सदस्यों की कमेटी में समग्र शिक्षा भीलवाडा के सहायक अभियन्ता सुरेश चन्द लोधी, समग्र शिक्षा जहाजपुर ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंता हमीद खान तथा समग्र शिक्षा माण्डल ब्लॉक के कनिष्ठ अभियन्ता हिम्मत सिंह जाट थे। इनके साथ अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा कल्पना शर्मा ने स्कूल का मौका देखा। इस दौरान ठेकेदार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। जांच टीम ने ठेकेदार को तुरंत प्रभाव से पूरा फर्श उखाड़कर, तकनीकी मापदंडों के अनुसार दोबारा बनाने का आदेश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ, तो फर्म को 'ब्लैक लिस्ट' करने की कार्रवाई की जाएगी।
घटिया निर्माण की निगरानी में लापरवाही बरतने पर संबंधित कनिष्ठ अभियंता मुकेश चौधरी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए कार्यकारी एजेंसी एडीपीसी को कहा गया है।
गौरतलब है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ में नवनिर्मित कमरों का शनिवार को विधायक गोपाललाल खंडेलवाल के हाथों लोकार्पण होना था, लेकिन फीता काटने से ठीक पहले ही बरामदे का फर्श अचानक धंस गया। हड़कंप मचने के बाद आनन-फानन में एक जांच कमेटी गठित कर मौका निरीक्षण किया गया। इसमें निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं और लीपापोती उजागर हुई है।