भीलवाड़ा

Bhilwara Gangrape: पिता के दिल में गुस्सा, नहीं चाहिए पैसा और मकान, बेटी को न्याय मिले, आरोपी फंदे तक पहुंचे

Bhilwara Gangrape: उन्नाव कांड की तरह गांव की घेराबंदी करके बैठी भीलवाड़ा पुलिस- एसपी की बात गले नहीं उतर रही : परिजन जो समय बता रहे उसके एक घंटे बाद पुलिस आरोपियों के अवशेष निकालने की बात कह रही

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Bhilwara Gangrape Case : पिता के दिल में गुस्सा: पैसा चाहिए ना मकान, बेटी को न्याय मिले, आरोपी फंदे तक पहुंचे

Bhilwara Gangrape: राजस्थान को झकझोर देने वाली भीलवाड़ा की बेटी की जघन्य हत्या को लेकर परिजनों में ही गुस्सा नहीं दिख रहा बल्कि पूरा राजस्थान घिनौती हरकत पर शर्मसार है। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन व सरकार इस प्रकरण को दबाने में लगी है। परिवार को प्रलोभन देकर चुप रखने का भरसक प्रयास हो रहा है।

राजस्थान पत्रिका ने गांव पहुंच कर दरिदंगी की शिकार हुई किशोरी के पिता से बात की तो उनके गले से दर्द का गुस्सा सिस्टम के खिलाफ छलक पड़ा। उनका कहना था कि बेटी की मौत के बदले उनको ना पैसा चाहिए ना मकान। आरोपी फांसी के फंदे तक पहुंचने चाहिए। तभी परिवार को न्याय और बेटी को शांति मिलेगी। पिता का कहना था कि जनप्रतिनिधि और अफसर करोड़ों रुपए और मकान का प्रलोभन दे रहे हैं।

लेकिन मेरे परिवार पर क्या बीत रही, इससे उनको कोई परवाह नहीं। जिस बेटी का मैं अंतिम संस्कार तक नहीं कर पाया उसकी मौत पर नेता और अफसर बोली लगा रहे हैं। उधर, पुलिस ने उत्तरप्रदेश में हुए उन्नाव कांड की तरह किशोरी के गांव की घेराबंदी कर रखी है। आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। गमी की बैठक में भी सिविल वर्दी में पुलिसकर्मी बैठे हुए हैं।

आखिर सच क्या है...

पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू ने पत्रकार वार्ता में कहा कि शाम चार बजे खेत पर गैंगरेप और हत्या हुई। उसके बाद शव काे आरोपी डेरे पर ले आए। शाम करीब साढ़े पांच और छह के बीच में कोयले की भट्टी जलाकर किशोरी को उसमें डाल दिया। रात साढ़े ग्यारह बजे भट्टी खोली तो आरोपियों को किशोरी का पूरा शरीर जला हुआ नहीं मिला। उसमें से अवशेष निकाल थैले में डालकर तालाब में फेंका। जबकि एक दिन पहले परिजनों का कहना था कि बुधवार रात सवा दस से साढ़े दस के बीच वह जलती भट्टी के पास पहुंच गए थे। उसमें एक हाथ जलता नजर आया था। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों को पकड़ कर पुलिस को सूचना दी थी। रात ग्यारह बजे कोटड़ी पुलिस वहां पहुंच गई थी।

कोटड़ी पुलिस ने आयोग को इतर घटनाक्रम क्यों बताया-

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य राजीव मेघवाल, बाल कल्याण समिति सदस्य चन्द्रकला ओझा और बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार दोपहर में घटनास्थल पहुंचे। उनको एस्कॉर्ट करते हुए कोटड़ी थानाप्रभारी खींवराज गुर्जर और सिपाही विष्णु गुर्जर वहां लेकर आए। दोनों पुलिसकर्मियों ने एसपी की बात से इतर घटनाक्रम बताया। ऐसे में एसपी सहीं या अधीनस्थ।

आंखों में आंसू, हर तरफ चित्कार, निवाला गले नहीं उतर रहा-

घटना को लेकर गांव के हर व्यक्ति में गुस्सा है। शुक्रवार को भी गांव में मातम पसरा रहा। किशोरी का कुछ साल पहले चार-पांच मकान छोड़कर विवाह हुआ था। ऐसे में उसके ससुराल और घर के बाहर लगे तम्बू में चल रही शोक बैठक में लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। उधर, गांव की महिलाएं घूंघट निकाले रोते हुए किशोरी के घर पहुंच रही है। हर तरफ चित्कार और गम का माहौल है। किशोरी की मां बेसुध है। बेटी की याद में मां के गले पानी तक नहीं उतर रहा।

भट्टी में जिंदा डाला या हत्या के बाद, डीएनए से खुलेगा राज-

पुलिस अधीक्षक सिधू ने कहा कि यह मामला रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस है। इसकी फास्ट ट्रेक मोड पर जांच होगी। जल्द चालान पेश करके केस ऑफिसर स्कीम में लिया जाएगा। सिधू ने कहा कि किशोरी को खेत में गैंगरेप के बाद उसके सिर पर लाठी से वार कर मारा गया। उसके बाद डेरे पर लाकर भट्टी में डाला। जिस समय भट्टी में डाला उस समय वह जिंदा थी या मर गई। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। थैले में मिले किशोरी के अवशेष की एफएसएल और डीएनए जांच से काफी िस्थति साफ हो जाएगी। सभी दस आरोपियों को नामजद कर लिया गया है। शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो जाएगी। गैंगरेप के आरोपी कान्हा और कालू की पत्नी शव को ठिकाने लगाने में शामिल थीं। आरोपियों ने सरकारी जमीन पर भट्टी लगा रखी थी। भट्टी से अवशेष निकालते समय कुछ आरोपियों के हाथ पर जले हुए के निशान मिले हैं। आरोपियों को किशोरी जानती थीं। क्योंकि वह खेत के पास डेरा बनाकर रहते थे।

दूध और छाछ लाते, बकरी तक छोड़कर आया-

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दूध और छाछ तक किशोरी के गांव से लाते थे। ऐसे में ग्रामीणों को उन पर विश्वास था। घटना के दिन परिजन किशोरी को तलाश रहे थे उस समय एक आरोपी बकरी को गांव तक छोड़कर आया। पुलिस ने थैले से जो अवशेष बरामद किए उनमें सीने व सिर के पीछे का हिस्सा समेत शरीर के कुछ भाग हैं। किशोरी के गांव के आसपास अब भी अवैध रूप से भट्टी स्थापित है। इनमें कोयला बनाया जाता है। पत्रकार वार्ता में जिला कलक्टर आशीष मोदी भी मौजूद थे।

-Reporting -

आकाश माथुर. अरविन्द हिरण

Published on:
05 Aug 2023 06:51 pm
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