भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में NGT के सख्त आदेश: 160 ईंट भट्टे 1 जून से होंगे बंद, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

Bhilwara Brick kilns Shut Down: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त आदेशों के बाद भीलवाड़ा जिले में वायु प्रदूषण फैला रहे वाले ईंट भट्टे आगामी 1 जून से पूरी तरह बंद हो जाएंगे। एनजीटी के आदेशानुसार अब इन भट्टों में 1 जून से लेकर 30 नवंबर तक किसी भी प्रकार की आग जलाने की अनुमति नहीं होगी।
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Bhilwara brick kilns shut down
भीलवाड़ा में 160 ईंट भट्टे 1 जून से होंगे बंद, पत्रिका फाइल फोटो

Bhilwara Brick kilns Shut Down: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त आदेशों के बाद भीलवाड़ा जिले में वायु प्रदूषण फैला रहे वाले ईंट भट्टे आगामी 1 जून से पूरी तरह बंद हो जाएंगे। एनजीटी के आदेशानुसार अब इन भट्टों में 1 जून से लेकर 30 नवंबर तक किसी भी प्रकार की आग जलाने की अनुमति नहीं होगी। भट्टों पर ईंट निर्माण का काम अब पूरी तरह बंद हो जाएगा।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी ईंट भट्टा संचालकों को नियमों की कड़ाई से पालना करने की सख्त हिदायत दी है। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिले में 160 चिमनी वाले ईंट भट्टे हैं संचालित

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक घनेटवाल ने बताया कि भीलवाड़ा जिले में वर्तमान में करीब 160 चिमनी वाले ईंट भट्टे संचालित हैं। 31 मई की रात 12 बजे से भट्टों में संचालन और किसी भी प्रकार की आग जलाने से जुड़ी समस्त गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। ये भट्टे 1 दिसंबर से 31 मई तक ही संचालित किए जा सकेंगे।

मंथन के बाद तय हुई नई समय-सीमा

एनजीटी के आदेश के अनुपालन में पहले राज्य बोर्ड ने किसी भी प्रकार की आग जलाने की अवधि 1 जनवरी से 30 जून तय की थी। तत्पश्चात, विभिन्न ईंट भट्टा एसोसिएशनों से प्राप्त ज्ञापनों और भौगोलिक व जिला स्तरीय समस्याओं को देखते हुए राज्य बोर्ड ने 13 नवंबर 2025 को क्षेत्रीय अधिकारियों को इस पर निर्णय लेने के अधिकार सौंपे। इसके बाद 17 नवंबर 2025 को भीलवाड़ा में सभी हितधारकों के साथ हुई बैठक में सर्वसम्मति से 1 दिसंबर से 31 मई की समय-सीमा को उपयुक्त मानते हुए अंतिम रूप दिया गया।

उल्लंघन पर लगेगा भारी जुर्माना, भट्टा होगा सील

प्रदूषण मंडल ने साफ किया है कि जिन ईंट भट्टा इकाइयों के पास वैध संचालन सहमति है, वे भी तय समय-सीमा के बाद संचालन नहीं कर सकेंगी। यदि 1 जून से 30 नवंबर के बीच किसी भी भट्टे में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिले में संचालित ईंट भट्टों पर आग जलाने की प्रक्रिया पर सख्ती से रोक लगने पर जिले में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

Updated on:
27 May 2026 09:06 am
Published on:
27 May 2026 09:06 am
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