अमरगढ़ क्षेत्र में बच्चा चोरी की एक अफवाह ने उस समय भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जब ग्रामीणों ने कार सवार एक निर्दोष दंपती को संदिग्ध समझकर बीच रास्ते में ही रोक लिया।
भीलवाड़ा। अमरगढ़ क्षेत्र में बुधवार को बच्चा चोरी की एक अफवाह ने उस समय भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जब ग्रामीणों ने कार सवार एक निर्दोष दंपती को संदिग्ध समझकर बीच रास्ते में ही रोक लिया। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही पुलिस समय पर मौके पर पहुंच गई, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। जांच के बाद पुलिस ने साफ किया कि यह मामला पूरी तरह अफवाह था और दंपती अपने बच्चों के साथ ससुराल से घर लौट रहे थे।
पुलिस के अनुसार, निंबाहेड़ा निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहाजपुर स्थित अपने ससुराल से वापस लौट रहा था। सामान्यतः वह शाहपुरा-भीलवाड़ा मुख्य मार्ग का उपयोग करता था, लेकिन होली के हुड़दंग और सड़कों पर उड़ते गुलाल-कीचड़ से बचने के लिए उसने गूगल मैप का सहारा लिया।
मैप ने उसे अखेराम जी का खेड़ा मार्ग से एक शॉर्टकट रास्ता दिखाया। इसी अनजान रास्ते पर भटक गया। अखेराम जी का खेड़ा के पास होली खेल रहे ग्रामीणों ने जब एक अनजान कार को गांव की ओर आते देखा और उसमें छोटे बच्चों को पाया, तो उन्हें हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रही बच्चा चोरी की खबरों का अंदेशा हुआ।
ग्रामीणों ने कार रुकवाकर पूछताछ की, लेकिन अजनबी जगह और भीड़ को देखकर दंपती घबरा गए। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने 112 नंबर पर सूचना दी। सूचना मिलते ही अमरगढ़ चौकी प्रभारी ताराचंद जाट मौके पर पहुंचे।
पुलिस दंपती को सुरक्षा के साथ चौकी लेकर आई, जहां उनके पीछे ग्रामीणों का हुजूम भी जमा हो गया। पुलिस ने तुरंत निंबाहेड़ा थाने से संपर्क कर व्यक्ति की शिनाख्त की, जिसमें सामने आया कि वह एक सम्मानित नागरिक है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह केवल रास्ता भटकने के कारण वहां पहुंचा था।
जहाजपुर पुलिस उपाधीक्षक रेवड़मल मौर्य ने बताया कि बिना किसी ठोस आधार के किसी को संदिग्ध मान लेना और कानून हाथ में लेना अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बच्चा चोरी की एक भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर बिना सत्यापन के खबरें फैलाकर आमजन में डर पैदा किया जा रहा है। यदि कोई संदिग्ध दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।