- भीलवाड़ा कलक्टर व एसपी से बोले, एफआइआर से नहीं चलेगा काम, आगे भी करें कार्रवाई
Bhilwara news : प्रदेश में अवैध खनन को लेकर चल रहे अभियान को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा संतुष्ट नजर आए, लेकिन दर्ज एफआइआर में आगे कार्रवाई नहीं करने पर सख्त दिखें। सीएम ने इसे लेकर भीलवाड़ा कलक्टर से सवाल किए तो कोई जवाब न मिलने पर नाराजगी जताई। भीलवाड़ा से अवैध खनन का परिवहन चितौड़गढ़ के रास्ते होता है। इसे लेकर दोनों जिलों के कलक्टर से आपसी तालमेल से कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम शर्मा बुधवार को अवैध खनन को लेकर वीसी के जरिए प्रदेश के सभी कलक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों से फीड बैक ले रहे थे। गत वर्ष 15 जनवरी से लेकर अब तक की कार्रवाई को लेकर भीलवाडा़ कलक्टर जसमीतसिंह संधू से दर्ज एफआइआर में कितने चालान पेश हुए की जानकारी मांगी तो कलक्टर जवाब नहीं दे पाए। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्रसिंह यादव कुछ बोलने लगे तो मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने एसपी को बोलने से मना किया कि जवाब कलक्टर देंगे। लेकिन कोई जवाब नही मिलने पर अग्रवाल ने कलक्टर से नाराजगी व्यक्त की। सीएम ने नाराज होते हुए कलक्टर व एसपी से कहा कि केवल एफआइआर दर्ज कराने से काम नहीं चलेगा। इनमें कितने लोगों के खिलाफ चालान पेश हुए, कितनी की गिरफ्तारी हुई, कितना जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई भी होनी चाहिए, तभी अवैध खनन पर अंकुश लग पाएगा।
चित्तौड़ व भीलवाड़ा मिलकर करें कार्रवाई
भीलवाड़ा में बजरी का बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता है। बनास नदी से निकलने वाली बजरी का परिवहन भीलवाड़ा से चितौड़गढ़ के रास्ते होकर मध्यप्रदेश जाता है, लेकिन चितौड़गढ़ में इस पर कार्रवाई नहीं होती है। सीएम ने कहा कि भीलवाड़ा व चितौड़गढ़ के अधिकारी मिलकर कार्रवाई करें। साथ ही नाराजगी भी व्यक्त की कि आखिर अभी तक अवैध खनन परिवहन के रास्ता क्यों चल रहे है। गौरतलब है कि अवैध रास्ते की जानकारी जिले के जनप्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय व जिला प्रशासन के लगभग सभी अधिकारी के पास है, लेकिन रसूख के दबाव व खनन माफिया के साथ सांठगांठ के कारण चुप्पी साधी जाती है।
इनका कहना है
कलक्टर से अवैध खनन में चालान के बारे में पूछताछ था। उनको जानकारी नहीं थी। मामला पुलिस से जुड़ा होने से मैंने बता दिया। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है।
धर्मेन्द्र सिंह यादव, पुलिस अधीक्षक
फिर चलेगा अभियान
अवैध खनन की रोकथाम और खनन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए फिर से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए खान, पुलिस, प्रशासन, राजस्व व वन विभागों की संयुक्त टीम बनेगी। इसके अलावा मुख्यालय स्तर पर भी टास्क फोर्स गठित होगी। सीएम ने खनन विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय एसआइटी की बैठक की नियमित मॉनिटरिंग करें।
भीलवाड़ा जिले की स्थिति
अवधि प्रकरण वसूली एफआइआर
नोट वसूली लाखों रुपए में है।