- मस्ती भरे माहौल में छाए होली के गीत - राजस्थानी संस्कृति की दिखी झलक - शेखावटी के गायक संजय बिरख ने दी प्रस्तुति
Bhilwara news : चंग की थाप पर धमाल के साथ मस्ती भरे होली के रंग लोगों को झूमने के लिए मजबूर करते रहे। ये नजारा बुधवार रात रामेश्वरम में मरूधरा माहेश्वरी संस्थान, मरूधरा माहेश्वरी महिला मण्डल एवं मरूधरा माहेश्वरी युवा मंच के तत्वावधान में आयोजित होली स्नेह मिलन में दिखा।
आयोजन में राष्ट्रीय लोक कलाकार मुकुंदगढ़ के संजय बिरख एवं उनकी टीम ने चंग पर धमाल व होली के राजस्थानी गीतों पर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। रामेश्वरम में बांसुरी, नगाड़े के साथ चंग बजाने के दिलकश अंदाज पर भक्त खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। गणपति वंदना व शिव वंदना के साथ प्रस्तुतियों का दौर शुरू हुआ। बिरख ने वो महाराणा प्रताप कठे गीत के माध्यम से मेवाड़ के त्याग एवं गौरव का गाथा सुनाई। उन्होंने खांटू श्याम की स्तुति में भी गीत सुनाया। शहनाई की मधुर ध्वनि एवं चंग की थाप पर प्रस्तुतियों के दौरान महिला-पुरूष झूम उठे। इस दौरान मीठे बोल रे पपीहा, खड़ी नीम के नीचे एकली, पान को टुकड़ों, म्हाने आवे हिचकी, धरती गोरा री, म्हारो गोरबंद नखरालो, पल्लो लटके गौरी को, नखरालो देवरियों आदि गीतों की प्रस्तुतियों पर दर्शक थिरकते रहे। बरख की टीम को महिला कलाकारों ने मटका नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी तो पांडाल तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में मरूधरा माहेश्वरी संस्थान के अध्यक्ष शांतिप्रकाश मोहता, श्याम चाण्डक, राधाकिशन सोमानी, कैलाश तापड़िया, राधेश्याम सोमानी, सत्यनारायण, नंदू झंवर ने दीप प्रज्वलन किया। गोपाल राठी, राधेश्याम चेचानी, कैलाश कोठारी, ओम नरानीवाल, एलएन डाड, अशोक बाहेती, दामोदर सिंगी, प्रकाश झंवर, मुरारीलाल बियाणी, हेमराज नंदलाल बजाज, किशन झंवर, श्रीवल्लभ चांडक, हरीश कांकनी, कमल मोहता, शीतल चांडक, संगीता बाहेती आदि उपस्थित थे।