
NEET Re-Exam : री-नीट परीक्षा से पहले गुरुवार देर रात भीलवाड़ा पुलिस ने टेलीग्राम पर नीट का बोगस पेपर ऑनलाइन बेचते एक युवक को पकड़ा। युवक वीपीएन (वर्चुअल निजी नेटवर्क) से टेलीग्राम चलाकर उसके जरिए बोगस पेपर का सौदा रहा था। भ्रामक सामग्री फैलाने के आरोप में युवक को देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक सागर राणा को मुखबिर से सूचना मिली कि री-नीट परीक्षा को लेकर बोगस और फर्जी पेपर लोगों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
इस पर भीलवाड़ा के प्रतापनगर थानाप्रभारी सुनील ताड़ा की अगुवाई में टीम ने पटेलनगर में एक मकान की घेराबंदी करके दबिश दी। यहां आकाश चौधरी टेलीग्राम पर फर्जी पेपर ऑनलाइन बेच रहा था। उसके बैंक खाते की जांच की तो उसके पास 18 हजार रुपए मिले है। आरोपी से देर रात तक पूछताछ की जा रही थी।
री-नीट परीक्षा को लेकर देश में मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार ने बेहद सतर्कता बरतते हुए देशभर में टेलीग्राम ऐप के इस्तेमाल पर आगामी 22 जून तक अस्थाई प्रतिबंध लगा रखा है। आमजन के लिए टेलीग्राम पर संदेशों का आदान-प्रदान पूरी तरह बंद है, लेकिन आरोपी आकाश चौधरी कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी विदेशी तकनीक पर आधारित वीपीएन तकनीक का सहारा ले रहा था।
वीपीएन के माध्यम से अपने सिस्टम को विदेशी नेटवर्क और सर्वर से जोड़कर टेलीग्राम धड़ल्ले से चला रहा था। विदेशी रूट का फायदा उठाकर वह देश के विभिन्न हिस्सों के परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को झांसा दे रहा था और भ्रामक सामग्री फैलाकर बोगस पेपर असली बताकर बेच रहा था।
मामले का पर्दाफाश पुलिस अधीक्षक सागर राणा को मिली एक गुप्त सूचना के बाद हुआ। मुखबिर ने पुलिस को पुख्ता इनपुट दिया कि पटेलनगर के एक मकान में आगामी री-नीट परीक्षा को प्रभावित करने और युवाओं को झांसा देने के लिए बोगस पेपर तैयार किए जाए रहे हैं।
गंभीरता को देखते हुए प्रतापनगर थानाप्रभारी सुनील ताड़ा के नेतृत्व में तुरंत विशेष टीम का गठन किया। टीम ने देर रात पटेलनगर में चिन्हित मकान की घेराबंदी की। यहां कमरे में आकाश चौधरी नामक युवक कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन पर नीट परीक्षा के फर्जी प्रश्नपत्र तैयार करता हुआ पाया गया और वह टेलीग्राम पर मोटी रकम के बदले बेचने का सौदा कर रहा था। पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार कर यहां से संदिग्ध दस्तावेज, लेपटॉप समेत अन्य उपकरण जब्त किए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण शातिर ठग मंसूबों में कामयाब नहीं हुआ। शुरुआती दौर में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी आकाश चौधरी के बैंक खातों की प्राथमिक जांच की, तो उसमें करीब 18 हजार रुपए की राशि जमा मिली। पुलिस को अंदेशा है कि यह रकम उसने बोगस पेपर के सौदे के नाम पर कुछ शिकार बन चुके परीक्षार्थियों से एडवांस के तौर पर वसूले।
पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस ठगी के रैकेट में भीलवाड़ा या राजस्थान के बाहर के कौन-से अन्य चेहरे शामिल हैं। आरोपी से देर रात तक पूछताछ की जा जारी थी। उसके बैंक खाते और मोबाइल कॉल डिटेल की जांच की जा रही है।
नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा को लेकर शिकायत मिली थी। सूचना के आधार पर वांछित स्थान पर दबिश दी। वहां संदिग्ध मिले युवक ने पूछताछ में बताया कि फर्जी नीट का पेपर तैयार किया है। उसे ऑनलाइन बेच रहा था। समूचे मामले की जांच की जा रही है।
सागर राणा, पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा
नीट री-एग्जाम आगामी 21 जून को आयोजित होगा। राजस्थान सरकार पूरी तरह सतर्क है। बीते रविवार को सीएम भजनलाल शर्मा ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा कर और अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की गंभीरता से पालना सुनिश्चित करने को कहा।
प्रदेश के सभी जिला कलक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा केन्द्रों का स्वयं निरीक्षण करने और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रहेगी और अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राजस्थान के 27 जिलों में 611 परीक्षा केन्द्रों पर लगभग 2 लाख 9 हजार अभ्यर्थी नीट री-एग्जाम में शामिल होंगे। सबसे अधिक 106 परीक्षा केन्द्र जयपुर में बनाए गए हैं। इसके अलावा सीकर में 102 और कोटा में 92 केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।